राजधानी में जहां बिजली की आंख मिचौली से जनता परेशान है। बिजली कटौती से आम लोग रतजगा करने को मजबूर हैं। वहीं बिजली कटौती की घटना ने ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल की भी नींद उड़ा दी।
ऊर्जा मंत्री खुद बिजली गुल होने से हलकान नहीं हुए, बल्कि पॉश इलाके में बिजली काटे जाने की शिकायत पर सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें अपनी नींद खराब करनी पड़ी।
हुआ यूं कि शुक्रवार की रात दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके चितरंजन पार्क में अचानक बिजली चली गई। जिसमें बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने पर एक वरिष्ठ पत्रकार ने सीधे ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल को फोन लगा दिया।
बिजली सप्लाई ठीक कराने की जद्दोजहद
इसके बाद न केवल खुद केंद्रीय मंत्री रात भर जाग कर इस खराबी को दूर कराने में लगे रहे, बल्कि बीएसईएस के महाप्रबंधक को भी जगाए रखा। इस घटना का जिक्र पत्रकार ने अपने फेसबुक पेज पर किया है।
दरअसल हुआ यूं कि शुक्रवार रात करीब दो बजे दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाकों की बिजली अचानक गुल हो गई।
इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार स्वप्न दासगुप्ता की पत्नी रेशमी दासगुप्ता ने बीएसईएस के अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया। लेकिन जब यहां सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने सीधे मंत्री पीयूष गोयल को फोन लगा दिया।
वरिष्ठ पत्रकार की शिकायत पर कार्रवाई
इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने अपने बिस्तर पर नींद फरमा रहे बीएसईएस के जीएम को जगाया और बिजली व्यवस्था ठीक करने का निर्देश दिया।
इस दौरान गोयल तब तक जगे रहे, जब तक बिजली की सप्लाई दुरुस्त नहीं हुई। इस पूरी घटना में दो घंटे का समय लगा। दासगुप्ता ने अपने फेसबुक पेज पर इस घटना का विस्तार से जिक्र किया है।
वहीं इस फेसबुक पोस्ट पर पत्रकार के किसी मित्र ने टिप्पणी की है कि एक पत्रकार की वजह से ऊर्जा मंत्री जागे और उनके इलाके में बिजली भी आ गई। लेकिन उन गरीबों का क्या जो ऊर्जा मंत्री तक अपनी पहुंच की सोच भी नहीं सकते।