हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव राजनीतिक दलों का भविष्य तो तय करेंगे ही, साथ ही निर्वाचन आयोग के लिए भी परीक्षा की घड़ी होगी। विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशतता में बढ़ोतरी का आंकड़ा हासिल करना आयोग के लिए आसान नहीं होगा। वह भी ऐसे समय में कि मतदाता बिल्कुल शांत हैं और कोई प्रक्रिया खुलकर सामने नहीं आ रही है।
वर्ष 2007 में 71.61 प्रतिशत मतदाताओं ने सरकार का फैसला करने में योगदान दिया था। यह आंकड़ा वर्ष 2003 के चुनावों की प्रतिशतता के मुकाबले करीब तीन प्रतिशत कम था। 2003 में 74.51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपना फर्ज पूरा किया था। पिछले चुनावों में सबसे अधिक लगभग 78 प्रतिशत सिरमौर जिले में मतदान हुआ था। शिमला जिले में 65.5 और हमीरपुर में 66 प्रतिशत मतदाताओं ने अधिकार का उपयोग किया था।
वर्तमान में निर्वाचन आयोग की ओर से चुनावों में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे विधानसभा चुनावों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके और मतदान प्रतिशतता बढ़ाई जा सके। आयोग ने शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटकों, जागरूकता रैलियों तथा स्कूली छात्रों को मतदान के बारे में जानकारी दी जा रही है। 4 नवंबर को मतदान के पश्चात निर्वाचन आयोग की परीक्षा का परिणाम सामने होगा।
वर्ष -- 2007
जिला प्रतिशतता
सिरमौर 78.00
कुल्लू 74.62
मंडी 74.03
चंबा 73.52
सोलन 73.08
लाहौल-स्पीति 73.8
ऊना 72.24
बिलासपुर 72.14
किन्नौर 70.99
कांगड़ा 70.62
हमीरपुर 66.13
शिमला 65.41
वर्ष महिला पुरुष कुल (प्रतिशत)
2007 74.01 68.36 71
2003 75.92 73.14 74.51
1998 72.21 70.26 71.23
1993 71.10 71.90 71.50
1990 65.74 69.72 67.75