पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने छद्म विज्ञापनों पर रोक लगाने की कवायद शुरू कर दी है। आयोग ने पांच राज्यों में केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के विज्ञापन पर पाबंदी लगा दी है।
आयोग ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगाने को कहा है। आयोग का मानना है कि विज्ञापन में योजनाओं का अतिरेक वर्णन करने से मतदाताओं और चुनावी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
ऐसे विज्ञापनों से केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को चुनाव में फायदा हो सकता है। आयोग ने राज्यों को इस तरह के विज्ञापन से दूर रहने को कहा है।
कुछ राज्यों ने दिल्ली में मीडिया में प्रकाशित विज्ञापनों में अपने यहां लागू केंद्रीय योजनाओं का बेहतर ढंग से वर्णन किया है। आयोग ने ऐसे विज्ञापनों को ही गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकारों को इस तरह के निर्देश जारी किए हैं।
आयोग पांच राज्यों दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में लागू चुनाव आचार संहिता की सख्ती से निगरानी कर रहा है। यहां 11 नवंबर से लेकर 4 दिसंबर तक चुनाव होने हैं।