सदर बाजार थाने में चौथे दिन शनिवार को भी जांच एजेंसियों ने जासूस इजाज से लंबी पूछताछ की। पूछताछ का मुख्य बिंदु इजाज और उसके परिवार के पाकिस्तान की नामी हस्तियों से संबंधों को लेकर रहा। जिससे इजाज ने इंकार कर दिया।
एलआईयू के मुताबिक पूछताछ में इजाज ने बताया कि उनके परिवार का पुश्तैनी काम फोटोग्राफी करना है। जिसके चलते उनके परिवार के सदस्यों की फोटो पाक की नामी हस्तियों के साथ हैं। आईबी समेत कई जांच एजेंसियों ने इजाज से इस संबंध में काफी देर तक पूछताछ की।
सदर बाजार इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल सिंह का कहना है इजाज ने कुछ भी नया नहीं बताया। पुरानी बातों को ही उसने चौथे दिन दोहराया है। विवेचक धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि छह दिन की रिमांड सोमवार को पूरी हो जाएगी। तमाम जांच एजेंसियों की पूछताछ में जासूस ने ऐसा कुछ नहीं बताया, जिससे उसको कहीं दूसरे जनपद में ले जाकर बरामदगी की जाए। जासूस से सदर बाजार थाने में ही पूछताछ की जाएगी।
फेसबुक पर फर्जी नाम से अकाउंट
बरेली में रहते हुए पाक जासूस इजाज ने उत्तर प्रदेश
के सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के अलावा पुलिसकर्मियों को भी सोशल मीडिया
पर अपना दोस्त बनाया। यही नहीं सत्ताधारियों के कार्यक्रम और सभाओं के फोटो
को विशेष तौर पर लाइक और कमेंट भी किया गया।
बरेली में रहते हुए पाक जासूस
मोहम्मद इजाज ने जो फेसबुक एकाउंट बनाया, उसमें उसने खुद का पता पटना,
बिहार लिखा है। इजाज ने फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में यूपी पुलिस में एसआई
मुबारिक रिजवी और बरेली निवासी एसआई आसिफ अली कादरी को भी अपना दोस्त
बनाया। वहीं, उसने यूपी के एक सपा महानगर अध्यक्ष जफर बेग को भी अपनी
फेसबुक लिस्ट में जोड़ा।
मोहम्मद इजाज का पाकिस्तानी होना उसके फेसबुक एकाउंट ने सार्वजनिक कर दिया। दूसरे शब्दों में परिवार के मोह में ही इस पाक जासूस की पोल खुलना उसके लिए मुसीबत बन गया। एसटीएफ ने गिरफ्तारी के बाद जब इजाज का सोशल मीडिया कनेक्शन तलाशना शुरू किया तो उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट में 35 में से 23 दोस्त पाकिस्तान के इस्लामाबाद से जुड़े मिले। इसी के आधार पर एसटीएफ ने जांच शुरू की और पाक जासूस का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आ गया।
फेसबुक के जरिए परिवार से जुड़ा था
पाक जासूस यूं तो स्काइप और मेल के जरिए आईएसआई से संपर्क करता था। लेकिन परिवार से जुड़े रहने के लिए वह सोशल मीडिया का प्रयोग करता था। पटना और बरेली के एड्रेस से इजाज ने अपना नाम बदलकर मोहम्मद कलाम और एमडी कलाम नाम से फेसबुक एकाउंट बनाया था।
इसमें उसने अपनी कम से कम फोटो ही अपडेट की और फेसबुक एकाउंट के जरिए वह अपने भाई, बहनोई समेत दोस्तों से जुड़ा रहा। जिनसे वह समय-समय पर बात करता था और अपने भाईयों द्वारा अपडेट किए जाने वाले स्टेटस और फोटो से घर की जानकारी लेता था।
पकडे़ जाने के बाद जब एसटीएफ ने उसका सोशल मीडिया एकाउंट खंगाला तो बरेली एड्रेस पर बनाया गए एक एकाउंट पर उसके 35 दोस्तों की सूची में से 23 दोस्त पाकिस्तानी होना सामने आए। इसके बाद उसके भाई समेत कई अन्य रिश्तेदारों की फोटो भी एसटीएफ के हाथ लगी। इसी आधार पर पूछताछ की गई तो उसने खुद का पाकिस्तान होने का खुलासा किया। इजाज ने बताया कि उसका बड़ा भाई इशहाफ, मुश्तयाक, इशयाद और फहद सभी फोटोग्राफर हैं।