अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को जल्द ही भारत लाया जा सकता है। केंद्र सरकार एक बार फिर इस कोशिश में सक्रिय हो गई है।
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दावा किया है कि भारत को दाऊद की हर मूवमेंट की जानकारी है और जल्द ही सफलता हासिल हो सकती है।
मुंबई बम धमाकों में वांछित दाऊद पर शिकंजा कसने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई भी भारत की मदद कर रही है। बीते दिनों अमेरिकी यात्रा के दौरान शिंदे ने इस मामले में मदद मांगी थी।
भारत लगातार दावा करता रहा है कि दाऊद पाकिस्तान में है, जबकि पाकिस्तान लगातार भारत के दावे का खंडन करता रहा है। शिंदे ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। मगर माना जा रहा है कि दाऊद पर शिकंजा कसने के लिए भारत इस बार एफबीआई के साथ संयुक्त अभियान चला रहा है।
इसी संयुक्त अभियान के तहत एफबीआई ने भारत को दाऊद के मूवमेंट की कई बार जानकारी दी है। मुंबई में वर्ष 1993 में हुए बम धमाके सहित कई बड़े मामलों में भारत बीते लगभग तीन दशकों से दाऊद की तलाश कर रहा है।
दबाव बढ़ने पर दाऊद ने 80 के दशक में ही भारत छोड़ कर पाकिस्तान की शरण ले ली थी। फिलहाल उसे पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का संरक्षण हासिल है।
भारत ने कई बार उसके पाकिस्तान में होने का दावा करते हुए आरोप लगाया है कि आईएसआई भारत में आतंकवादी वारदातों को अंजाम देने के लिए दाऊद का लगातार इस्तेमाल कर रही है। दाऊद पर मुंबई में हुए सबसे बड़े आतंकी हमला मामले में भी आतंकवादियों को सहयोग करने का आरोप है।