शारदा घोटाले की जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह की दिल्ली और नोएडा के पॉश इलाकों में स्थित 90 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियों को जब्त करने का फैसला किया है। ईडी ने शुक्रवार देर शाम इन संपत्तियों को सील कर दिया, इसमें दिल्ली के गोल मार्केट में स्थित दो फ्लैट और नोएडा में एक अपार्टमेंट शामिल है।
ईडी ने मनी लांड्रिंग संबंधी कानून के उल्लंघन में यह कार्रवाई की है। ईडी सूत्रों के मुताबिक नोएडा के सेक्टर-4 के ए ब्लॉक स्थित अपार्टमेंट में मतंग सिंह के कई फ्लैट हैं। सूत्रों के मुताबिक गोल मार्केट के डॉक्टर लेन में स्थित एक फ्लैट तो कनॉट प्लेस से चंद कदमों की दूरी पर ही है। इन तीनों संपत्तियों को जल्द ही जब्त कर लिया जाएगा।
ईडी की ओर से इससे पहले मतंग सिंह की असम और पश्चिम बंगाल में अचल संपत्ति को जब्त करने के आदेश दिए गए थे। सीबीआई की विशेष जांच टीम की ओर से कोलकाता में गिरफ्तार किए गए पूर्व कांग्रेस सांसद मतंग सिंह पर शारदा ग्रुप की कंपनी शारदा रिएलिटी से जुड़े मामले में आपराधिक षड्यंत्र रचने, फंड में धोखाधड़ी और दुरुपयोग करने का आरोप है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार मतंग सिंह पर वरिष्ठ नौकरशाह के नाम का प्रयोग कर सौदे तय करने का भी आरोप है।
तृणमूल सांसद अर्पिता घोष को समन
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने शारदा घोटाले की जांच संबंधी मामले में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद अर्पिता घोष को समन जारी किया। निदेशालय ने चिटफंड घोटाले से जुड़ी जांच के लिए सांसद बोस और अरोपी पूर्व मंत्री मतंग सिंह के दो सहयोगियों ख्याति सदाना और रूपेंद्र नाथ सिंह को अगले सप्ताह 13 फरवरी को पेश होने को कहा है।
गृहमंत्रालय में नहीं रुकते थे मतंग के काम
पूर्व गृहसचिव अनिल गोस्वामी ने गृहमंत्रालय में मतंग सिंह के चैनल से आए अधिकारियों का काम कभी नहीं रुकने दिया। गोस्वामी की इस व्यवस्था की वजह से कई ईमानदार अधिकारियों को भी मंत्रालय में काम करवाने के लिए मजबूरन मतंग चैनल पकड़ना पड़ता था।
शारदा चिटफंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की ओर से गिरफ्तार आरोपी मतंग सिंह के टेप किए गए फोन से कई वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। सरकार इस लपेटे में आए केंद्र में डेपुटेशन पर काम कर रहे वर्तमान अधिकारियों को अपने कैडर राज्यों में भेजने की तैयारी कर रही है।
गोस्वामी के कामकाज के तरीके से इत्तेफाक नहीं रखने वाले गृहमंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि बीएएफ के एक इमानदार शीर्ष अधिकारी ने अपना काम अटका देख मजबूरन मतंग चैनल पकड़ा। अफसरों को साधने में माहिर मतंग के इशारे के बाद उनकी पोस्टिंग से संबंधित काम जल्द हो गया।
इसी तरह अर्धसैनिक बल सीआईएसएफ के एक शीर्ष अधिकारी ने भी मतंग चैनल के जरिए अपनी पोस्टिंग कराई थी। सीबीआई निदेशक अनिल सिन्हा ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को टेप किए गए फोन संबंधी पूरी जानकारी दी थी।
गोस्वामी ने मतंग की सिफारिश वाला काम नहीं रुकने दिया
सूत्रों के मुताबिक मतंग की गिरफ्तारी रुकवाने के लिए गोस्वामी ने सीबीआई के मतंग चैनल वाले एक संयुक्त निदेशक को फोन कर मामले को रोकने के लिए बोला। इस अधिकारी ने शारदा मामले के इंचार्ज और पूर्वी जोन के संयुक्त निदेशक राजीव सिंह को फोन किया।
इतना हीं नहीं सीआईएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक ने भी राजीव सिंह को फोन कर मतंग की गिरफ्तारी कोलकाता में नहीं बल्कि दिल्ली बुलाकर करने को कहा। सीआईएसएफ का अतिरिक्त निदेशक बनने से पहले यह अधिकारी सीबीआई में ही थे। इन्हें भी मतंग चैनल का अधिकारी माना जाता है। इन फोन के बौखलाए राजीव सिंह ने दबाव बनाने की शिकायत निदेशक अनिल सिन्हा से कर दी।
सूत्रों ने बताया कि जिस अधिकारी ने मतंग चैनल नहीं पकड़ा उसकी फाइल गोस्वामी के ऑफिस में पड़ी रहती थी। सूत्रों ने यह भी बताया कि खुफिया एजेंसी आईबी के पूर्व निदेशक मतंग के यहां खासा दरबार लगाते थे। इसके अलावा करीब दर्जन भर पूर्व आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की नजदीकी मतंग सिंह से थी।
अदालत में पेश नहीं हो सके बीमार मतंग
मतंग सिंह बीमारी की वजह से शुक्रवार को महानगर की अलीपुर अदालत में पेश नहीं हो सके। 31 जनवरी को गिरफ्तारी के तुरंत बाद तबीयत खराब होने पर उन्हें एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मतंग को शुक्रवार को अदालत में पेश होना था, लेकिन अलीपुर जेल के चिकित्सा अध्यक्ष ने अदालत को भेजे एक पत्र में कहा है कि पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण मतंग अदालत में पेश नहीं हो सकते।