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जांच के घेरे में रिंगिंग बेल, COD का ऑप्शन दिया

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दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन देने का दावा करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल की जांच शुरू हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग ने संयुक्त रूप से इस कंपनी की जांच कर रही है। रिंगिंग बेल वही कंपनी हैं जिसने महज 251 रुपए में उपभोक्ताओं का स्मार्टफोन देने का वादा किया था।
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कंपनी ने 'फ्रीडम 251' नाम से एक स्मार्टफोन लॉन्च किया था जिसको दाम को लेकर वह विवादों में घिर गई। भारतीय सेल्यूलर एसोशिएन (आईसीए) ने भी इसकी व्यावहारिकता पर सवाल उठाए थे। उसका कहना था कि सब्सिडी देने के बाद भी कोई स्मार्टफोन 3000 रुपए से सस्ता नहीं मिल सकता।

शुक्रवार को राज्यसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इसे बहुत बड़ा घोटाला करार दिया था। साथ ही उन्होंने सरकार से इसकी जांच कराने की मांग भी की थी। उनके इसी मांग के अगले दिन ही कंपनी की जांच शुरू हो गई।
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कंपनी ने की कैश ऑन डिलिवरी की घोषणा

प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा में कहा था कि फ्रीडम-251 के नाम पर सरकार बहुत बड़ा घोटाला करने जा रही है। सरकार या तो इसकी जांच कराए या फिर जिन लोगों ने कंपनी को पैसे दिए हैं उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले।

तिवारी ने यह भी कहा था कि अगर मजह 251 रुपए में स्मार्टफोन मिल सकता है तो सरकार महंगे स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनियों का साथ देकर एक बड़ा घोटाला कर रही है। तिवारी के आरोपों के अगले दिन ही रिंगिंग बेल कंपनी की जांच शुरू हो गई है।

आपको बता दें कि कंपनी ने हाल ही में यह ऐलान किया है कि वह जितने भी स्मार्टफोन हैं उनकी कैश ऑन डिलिवरी कराएगी। साथ कंपनी ने केवल पहले 25 लाख लोगों को फोन उपलब्ध कराने की बात भी कही है। कंपनी के मुताबिक अब तक दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने इस फोन की बुकिंग कराई है।
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