फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएम ने खोली अखिलेश की पोल, दुर्गा ने नहीं गिराया ढांचा

Thu, 01 Aug 2013 12:47 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
युवा आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के मुद्दे पर यूपी की अखिलेश सरकार घिरती नजर आ रही है।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक डीएम ने अपनी रिपार्ट में आईएएस दुर्गा को क्लीन चिट दी है।

डीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि दुर्गा ने अपने एसडीएम कार्यकाल के दौरान किसी धार्मिक ढांचे की दीवार नहीं गिराई।

रिपोर्ट के मुताबिक कदालपुर गांव में अतिक्रमण की सूचना मिलने के बाद दुर्गा वहां पहुंची और बातचीत के जरिए ही मामले को सुलझा लिया था।

पढ़ें:- दुर्गा को क्लीन चिट देने वाले डीएम को भी मिलेगी सजा: सपा सांसद

प्रशासनिक टीम ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से कहा था कि वे या तो इस निर्माण के लिए सरकार से अनुमति लें, या फिर इसे गिरा दें।

पढ़ें:- दुर्गा शक्ति का निलंबन करके सराहनीय काम किया: मुलायम

इसके बाद ग्रामीणों ने खुद ही उस ढांचे को गिराने का फैसला किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस घटना के बाद इलाके में किसी तरह का धार्मिक तनाव नहीं था।

पढ़ें:- आईएएस दुर्गा के निलंबन में मुलायम सिंह का हाथ: बेनी

इस मुद्दे पर सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि डीएम की रिपोर्ट पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के खिलाफ यह अफसरों की साजिश है।

पढ़ें:- दुर्गा निलंबन में एसआई ने खोली अखिलेश के दावे की पोल

नरेश अग्रवाल ने कहा कि नोएडा के डीएम को सजा मिलेगी। मामले में केंद्रीय मंत्री नारायण सामी के हस्तक्षेप पर सपा सांसद ने कहा, 'अगर नारायणसामी को दुर्गा नागपाल इतनी ही ईमानदार नजर आती हैं तो उन्हें केंद्र सरकार में बुला लें। यूपी को दुर्गा की जरूरत नहीं है।'
विज्ञापन


पढ़ें:- दुर्गा के निलंबन पर अखिलेश से खफा चाचा

गौरतलब है कि यूपी सरकार ने आईएएस अधिकारी दुर्गा को इस आधार पर निलंबित किया था कि उन्होंने धार्मिक इमारत की दीवार गिराई है। ऐसे में डीएम की रिपोर्ट के बाद सरकार का यह दावा खोखला साबित होता नजर आ रहा है।

इससे पहले रबूपुरा थाने के सीनियर सब इंस्पेक्टर अजय कुमार ने कहा, 'ऐसा कोई तनाव नहीं था। आप मीडियाकर्मियों से पूछ सकते हैं, जो गौतमबुद्ध नगर में मौजूद थे। मेरे पास इस बात पर यकीन करने की पर्याप्त वजह है कि किसी को रविवार रात तक इस तरह का धार्मिक स्थल की दीवार गिरने के बारे में पता ही नहीं था।'
विज्ञापन


यह पूछने पर कि क्या वहां पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है, इस पर कुमार ने कहा, 'जब कुछ हुआ ही नहीं, तो केस किसलिए?'

गौतमबुद्ध नगर में स्थानीय पुलिस ने भी इस दलील को दरकिनार करते हुए साफ किया था कि इलाके में ऐसा कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें