बिना पाकिस्तान के मदद से सीधे अफगानिस्तान से जोड़ने और समुद्री सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह परियोजना भारत के लिए कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है। अमेरिकी प्रतिबंध के कारण भारत को इस परियोजना में ईरान से झटका लगने और ईरान की चीन से दोस्ती बढने का अंदेशा था।
चीन भी नहीं चाहता कि चाबहार परियोजना का लाभ भारत उठा पाए। चूंकि चीन ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध को अस्वीकार कर दिया है और वह ईरान का सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। ऐसे में चीन ईरान के जरिए भारत को चाबहार परियोजना में झटका दे सकता था।