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डीआरडीओ की एक और उपलब्धि, पढ़कर आपको भी होगा गर्व

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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने लद्दाख के चांगला में दुनिया के सबसे ऊंचे स्थलीय केंद्र की स्थापना की है। इस सेंटर की ऊंचाई समुद्र तल से करीब 17,600 फीट है जहां स्थानीय वनस्पतियों पर अनुसंधान और उनके विकास का काम होगा।
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लद्दाख के पेंगांग झील के पास स्थित इस केंद्र का इस्तेमाल प्राकृतिक कोल्ड स्टोरेज के रूप में किया जाएगा। इस कोल्ड स्टोरेज में आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए दुर्लभ और लुप्तप्राय हो चुके पौधों का संरक्षण किया जाएगा। इतना ही नहीं यह केंद्र ऊंचे और ठंडे इलाकों में पाए जाने वाले पेड़े-पौधों और कृषि के क्षेत्र में किए जा सकने वाले हर संभव विकास की दिशा में भी काम करेगा।

इस केंद्र में खाद्य, कृषि और बायो-मेडिकल साइंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान कार्य होगा। जीवन विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी संख्या में कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को शुरू किए जाने का भी प्रस्ताव है। इस सेंटर का उद्घाटन डीआरडीओ के डायरेक्टर जनरल डॉ. एस क्रिस्टोफर ने किया।
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क्या होता है टेरेस्ट्रियल सेंटर

टेरेस्ट्रियल का वास्तविक अर्थ स्थल से जुड़े चीजों से होता है जिसमें कई प्रकार की स्थलीय चीजें शामिल होती है। टेरेस्ट्रियल सेंटर्स में ऐसे ही स्थलीय चीजों पर या तो अनुसंधान का काम किया जाता है या फिर उनको संरक्षित करने का। इनमें पेड़-पौधे, जानवर, सभ्यता और कई अन्य चीजें शामिल है।

इसके अलावा इन केंद्रों में कई प्रकार के प्रयोग भी किए जाते हैं जिसका मुख्य उद्देश्य उन स्थलीय चीजों का कैसे और बेहतर विकास कर सकते हैं शामिल होता है। डीआरडीओ ने जो स्थलीय केंद्र बनाया है उसका मुख्य उद्देश्य बेहद ऊंचे और ठंडे प्रदेशों में पाए जाने वाले ऐसे वनस्पतियों को संरक्षित करना है जो या तो विलुप्तप्राय हैं या फिर अति दुर्लभ। इस केंद्र में ऐसे पादपों का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा जिससे आगे आने वाली पीढ़ियों को उसका लाभ मिल सके।

इस केंद्र में ऊंचे और ठंडे प्रदेशों में जवानों की तैनाती के दौरान उनके लिए जरूरी चीजों जिनमें खाद्य पदार्थ मुख्य रूप से शामिल है पर शोध करना है। इस अनुसंधान के माध्यम से उनके (सैनिकों) खान पान को और बेहतर किए जाने की संभावनाओं को तलाश किया जाएगा। ऐसे इलाकों में जीवन बेहद कठिन हो जाता है ऐसे में खाने पीने के लिए ऐसे चीजों का इस्तेमाल किया जाता है जिससे कम खाने से भी ज्यादा ऊर्जा मिले।
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