हम्पी यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर और कन्नड़ के जाने माने विद्वान एमएम कालबुर्गी की रविवार को उनके घर में गोली मार कर हत्या कर दी गई। लिंगायत साहित्य और बसव दर्शन पर किए गए काम के कारण उन्हें कट्टरपंथी हिंदुओं की काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया समेत कई नेताओं ने कालबुर्गी की हत्या की निंदा की है।
पुलिस के अनुसार रविवार सुबह करीब 8:40 बजे दो लोग 77 वर्षीय कालबुर्गी के घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। जैसे ही कालबुर्गी ने दरवाजा खोला, हमलावरों ने उनके माथे और सीने पर गोली दाग दी।
घटना के बाद दोनों हमलावर एक दोपहिया वाहन से भाग निकले। धरवाड़ के पुलिस कमिश्नर रविंद्र प्रसाद ने बताया कि कालबुर्गी को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमलावरों को दबोचने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। पुलिस के अनुसार जांच के बाद ही हत्या की वजह पता चल सकेगी।