मोदी सरकार कामचोर अधिकारियों की छुट्टी करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाती दिख रही है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के नए आदेश के मुताबिक 50 साल की उम्र या 30 साल का कार्यकाल, इनमें से जो भी पहले आए, पूरा कर चुके सरकारी अधिकारियों और बाबुओं के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। जिनकी समीक्षा नाकारात्मक पाई जाएगी, उन्हें तीन महीने की नोटिस देकर सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा।
डीओपीटी के परिपत्र में कहा गया है कि जब कि किसी कर्मचारी की सेवा उपयोगी नहीं पाई जाएगी, उसे लोकहितों को ध्यान में रखकर अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार नौकरशाही के कामकाज को चाकचौबंद करने के लिए कदम उठाती रही है।