संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया गया है। परीक्षा में सुधार को लेकर यूजीसी की ओर से गठित टीम काफी दिनों से सिफारिश कर रही थी। पिछले सप्ताह मंजूरी मिलने के बाद नए पाठ्यक्रम की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
यूपीएससी की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के संगठन, संरचना और प्रकृति में काफी कुछ बदलाव किया गया है। अब भारतीय वन सेवा एवं सिविल सेवा के लिए प्रारंभिक परीक्षाएं संयुक्त रूप से संचालित की जाएंगी, जबकि पहले भारतीय वन सेवा के लिए प्रारंभिक परीक्षा का प्रावधान नहीं था। भाषा के पेपर की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। संपूर्ण परीक्षा केवल हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी। वैकल्पिक विषय के रूप में साहित्यिक भाषा ली जा सकती है।
वैकल्पिक विषयों की मुख्य परीक्षा का महत्व कम हो गया है। पहले जहां दो वैकल्पिक विषय हुआ करते थे, वहीं अब एक कर दिया गया है। मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के प्रश्नों की अधिकता रहेगी। प्रासंगिक मुद्दों, सामाजिक न्याय पर्यावरण, प्रशासनिक दक्षता एवं नैतिकता संबंधी मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। स्कूल ऑफ सिविल सर्विस के निदेशक आत्म प्रकाश सिंह ने बताया कि यूपीएसई की ओर से जारी अधिसूचना उन्हें प्राप्त हो गई है। परीक्षा में काफी हद तक हुए सुधार से परीक्षार्थियों को लाभ मिलेगा।