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'मुलायम सिंह यादव को नेताजी कहना बंद करें'

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यूपी विधानसभा चुनावों में भले डेढ़ साल का वक्त है, रालोद मुखिया अजित सिंह ने अभी से चुनावी जंग छेड़ दी है। उन्होंने सोमवार को इस का ऐलान करते हुए यूपी सरकार पर ताबड़-तोड़ हमले किए। प्रदेश की सपा सरकार को यादव गिरोह की संज्ञा देते हुए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को मुलायम सिंह को नेताजी न कहने का अहवान किया। वह स्थानीय नुमाइश मैदान की कृष्णांजलि नाट्यशाला में सोमवार को आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
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राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चित शहर के नुमाइश मैदान में कार्यकर्ताओं को मुखातिब करते हुए उन्होंने कहा कि अलीगढ़ की राजनीति इसी मैदान से शुरू होती है। इसलिए वे भी आगामी विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंकने यहां आए हैं। उन्होंने अखिलेश सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि इस सरकार में हर भर्ती की जाति और रेट फिक्स हैं। उन्होंने किसानों को मुआवजे के 500 करोड़ और सैफई के लिए 800 करोड़ रुपये दिए जाने पर भी ऐतराज जताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खिंचाई की

अजित सिंह ने यादव सिंह मामले में मुलायम सिंह और मायावती पर निशाना साधते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदेश में बलात्कार की घटना बढ़ने पर चिंजा जाहर करते हुए कहा कि थाने-चौकियों तक में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने बलात्कार पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा दिए गए बयान का भी आलोचना की। उनके विवादास्पद बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को नेताजी कहना ठीक नहीं।

उन्होंने कार्यर्काओं से मुलायम सिंह को नेताजी नहीं कहने का अहवान किया। अजित सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खिंचाई की। उन्होंने देश में काला धन और बैंक खातों में 15 लाख रुपये न आने पर चुटकी ली। सम्मेलन में बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह, भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, त्रिलोकीराम दिवाकर, सादाबाद के पूर्व विधायक डॉ अनिल चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, राष्ट्रीय सचिव सत्यपाल सिंह, जिलाध्यक्ष चौधरी कल्यान सिंह, रमेश सिंह ठेनुआ, वीरपाल सिंह दिवाकर, अब्दुल्ला शेरवानी, सीपी सिंह धनगर, हिरजेश उपाध्याय, प्रवक्ता मुकेश धनगर, महानगर अध्यक्ष राज अग्रवाल, महिला जिलाध्यक्ष मधुलिका राघव आदि मौजूद थे।
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कहां गए भारतीय जुमला पार्टी के वादे

चौधरी अजित सिंह ने अपने संबोधन में भाजपा को भारतीय जुमला पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि 123 जनसभाओं में नरेंद्र मोदी ने काला धन लाने और हर व्यक्ति के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा कराने की बात कही थी। गन्ना मूल्य 400 रुपये क्विंटल, गेहूं पर ढाई सौ रुपये बोनस, किसान को लागत का डेढ़ गुना देने के उनेक वादों का भी अता-पता नहीं।

छोटे चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यादव सिंह मामले में मायावती और मुलायम सिंह यादव में समझौता हो गया है। दोनों ही पूर्व मुख्यमंत्रियों के भतीजे-भांजे और उनके करीबियों को यादव सिंह से फायदा मिला है। इसीलिए सीबीआई जांच का नाम सुनते ही मुलायम-मायावती बिदक जाते हैं। लोकायुक्त की नियुक्ति पर भी दोनों एक ही सुर में बोल रहे हैं।

कई नेताओं के पास अकूत संपत्ति होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के सच्चे मसीहा चौधरी चरण सिंह की मृत्यु के बाद उनके बैंक खाते में सिर्फ 300 रुपये थे। उनके पास एक फिएट कार थी। आज नेताओं की स्थिति इसके विपरीत है।
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