चंबल नदी की आवोहवा डाल्फिन को भा रही है। जहां सोन और केन नदी में डाल्फिन नहीं मिली, वहीं चंबल नदी में इनकी संख्या बढ़कर अब 71 हो गई है। अकेले बाह रेंज में इनकी संख्या 14 से 19 के बीच मिली है।
रेड जोन में आई डाल्फिन को बचाने की पहल पांच अक्टूबर 2009 में केन्द्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित कर की थी।
रेड जोन के सर्वे की रिपोर्ट में चंबल नदी में इनकी संख्या 71 पाई गई है। 1998 में सोन में 10 और केन में 7 डाल्फिन मिली थी। जबकि बीते दो साल से सोन और केन नदी में डाल्फिन नहीं मिली हैं।
विशेषज्ञों ने मान लिया है कि इन नदियों में डाल्फिन अब नहीं हैं। वहीं, चंबल नदी में बाह के अटेर, हथकांत और इटावा के पचनदा, मध्य प्रदेश के बरही, मघारा, दीनपुरा के घाटों के आसपास गहरे पानी वाले इलाके में समूह में इनकी मौजूदगी मिली है।