फानूस बनकर जिसकी हिफाजत हवा करे, वह शमां क्या बुझे, जिसे रोशन खुदा करें। यह कहावत रविवार की अलसुबह रतसर कस्बा के पास रतसर-पूर मार्ग पर पुलिया के पास चरितार्थ होती दिखी, जहां रातभर कुत्तों के झंड ने एक नवजात बालक की हिफाजत की।
लोगों की सहमति के बाद पुलिस ने सभी औपचारिकता पूरी कर नवजात को संवरा गांव की एक महिला को सौंप दिया। रविवार की अलसुबह रतसर-पूर मार्ग स्थित पुलिया के पास मूज में एक नवजात के रोने की आवाज राहगीर ने सुनी तो वह पास पहुंचा, जहां उसने देखा कि एक नवजात बालक को कुत्तों के झुंड ने घेर रखा है।
अन्य लोगों के वहां पहुंचने के बाद कुत्तों का झुंड हट गया। इसके बाद लोग नवजात को उठाकर कस्बा में ले आए और मुकामी पुलिस को सूचना दी। यह जानकारी कस्बे में पहुंची तो तमाम लोग जुट गए।