जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के कथित छेड़ छाड़ (डॉक्टर्ड) किए गए टेप के प्रसारण के बाद चुनिंदा समाचार चैनलों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अति प्रसिद्ध दो अंग्रेजी और एक हिंदी समाचार चैनल पर प्रसारित टेप में कन्हैया को कश्मीर अलगाववाद के समर्थन में नारे लगाते दिखाया गया है।
जबकि सही माने जा रहे टेप में भारत विरोधी बातें नहीं बल्कि गरीबी और महिला अधिकार संबंधी बातें कही गई हैं। कन्हैया के इसी डॉक्टर्ड टेप के प्रसारण के बाद पूरे देश में उसके खिलाफ माहौल बन गया है। सरकार ने इस मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है।
लेकिन एजेंसियां अंदरूनी तौर पर इस बात की जांच कर रही है कि टेप में छेड़-छाड़ किसी बड़ी साजिश के तहत तो नहीं की गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय इस मामले में चैनलों से जवाब मांग सकता है। उधर जांच इस बात की भी चल रही है कि पुलिस ने जल्दीबाजी में ऐसा कदम क्यूं उठाया।