अपनी हिम्मत और सजगता के चलते एक शख्स ने अपना कटा हुआ हाथ वापस पा लिया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक डॉ. महेंद्र नारायण सिंह का हाथ एक दुर्घटना में कट गया था लेकिन मुस्तैदी के चलते वो अपाहिज होने से बच गए।
महेंद्र खुद पेशे से डॉक्टर हैं और किडनी संबंधी बीमारियों को इलाज करते हैं।
दुर्घटना रविवार दोपहर हुई जब महेंद्र सिंह अपने पिता के साथ उत्तरप्रदेश के टुंडला से वापस लौट रहे थे।
महेंद्र बताते हैं कि यमुना एक्सप्रेस वे पर उन्होंने पीछे की सीट से पानी की बोतल निकालने के लिए कार रोकी और जैसे ही कार से बाहर आए पीछे से तेज रफ्तार से आई एक गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और कुछ ही पलों में उनका हाथ कटकर गिर गया। हाथ उनसे करीब 50 मीटर की दूरी पर गिरा। उन्हें दाएं पैर में भी चोट आई।
अपने हुनर से बची जान
इस पर भी महेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी और अपने मेडिकल नॉलेज का फायदा उठाते हुए तुरंत जरूरी कदम उठाए। एक डॉक्टर होने के नाते उन्हें पता था कि कटे हुए अंग को सुरक्षित रखकर जोड़ा जा सकता है।
उन्होंने पिता को अपने जख्मी हाथ को कपड़े से अच्छी तरह बांधने के लिए कहा ताकि ज्यादा खून न बहे।
इतने में एंबुलेंस के आने पर उन्हें तुरंत कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उन्हें जरूरी प्राथमिक चिकित्सा दी गई और उनके हाथ के कट चुके हिस्से को आइस बैग में सुरक्षित रख लिया गया।
इसके बाद महेंद्र को गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। गंगाराम में चार घंटे के मुश्किल ऑपरेशन में महेंद्र का कटा हुआ हाथ जोड़ दिया गया।
बेहद कठिन था ऑपरेशन
गंगाराम में कॉस्मैटिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. महेश मंगल का कहना है कि ऑपरेशन में देरी से मौत तक हो सकती थी। कट चुके अंग के टिशू भी खून के जरिए ऑक्सीजन न मिलने से मर सकते थे।
महेंद्र के पहुंचने से पहले ही ऑपरेशन थियेटर तैयार कर लिया गया था और दो टीम इस ऑपरेशन पर काम कर रही थीं।
डॉक्टरों का कहना है कि महेंद्र का सफल ऑपरेशन हुआ है और वे तीन चार महीनों के अंदर हल्का फुल्का सामान भी उठा सकते हैं। हालांकि, पेन पकड़ने और लिखने जैसे काम करने में उन्हें अभी वक्त लगेगा।
कैसे हुआ संभव
विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि कटे हाथ को जोड़ना संभव है। इसके लिए जरूरी है कि कटे हुए हिस्से को ठंडी व रोगाणुरहित जगह पर रखा जाए और उसे सही समय पर जोड़ दिया जाए।
डॉक्टरों के अनुसार अंगूठे, उंगलियों और हथेली को 8 से बारह घंटों तक सुरक्षित रखा जा सकता है और बड़े अंगों जैसे हाथ को छह घंटे के अंदर जोड़ना जरूरी है। इस बारे में लोगों में जागरूकता लाकर दुर्घटनाओं में कट जाने वाले अंगों को जोड़कर उन्हें जीवनभर के नुकसान से बचाया जा सकता है।