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मोदी के लिए 'त्याग' करने वाले सांसद के बारे में खुलासा

Thu, 03 Apr 2014 05:58 PM IST
चिरंतना भट्ट/वडोदरा से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
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सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक संबंधों पर रोक लगाने वाले क़ानून को बरक़रार रखने का निर्णय लिया तब भारतीय जनता पार्टी ने इस फ़ैसले का स्वागत किया था। यही नहीं भाजपा ने इस प्रकार के संबंधों को अप्राकृतिक और पश्चिमी संस्कृति के बुरे असर वाला बताया था।
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लेकिन गुजरात, जहां पर भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी तीन बार से लगातार मुख्यमंत्री बनते आ रहे हैं, उसी राज्य के वडोदरा से पार्टी के सासंद बालकृष्ण शुक्ला (बालू शुक्ला) ने एलजीबीटी (लेस्बियन-गे-बाइसेक्सुअल-ट्रान्सजेंडर्स) समुदाय को अपना सहयोग देने की बात कही है।

यही नहीं उन्होंने ट्रान्सजेंडर्स समुदाय के लिए कई लाभकारी योजनाओं को लागू करने की कार्रवाई शुरू करवाई है।

एलजीटी समुदाय को समर्थन!

भारतीय जनता पार्टी के यही सांसद बालू शुक्ला आजकल चर्चा में हैं क्योंकि पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी वडोदरा की इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

बालू शुक्ला साल 2009 के चुनाव मे 1 लाख 36 हजार से अधिक मतों के अंतर से यहाँ से जीते थे।

हिंदुवादी विचारधारा को हमेशा आगे रखने वाली भाजपा के बालू शुक्ला ने क्यों और कैसे एलजीबीटी समुदाय को समर्थन दिया और उनके इस विचार को उनकी पार्टी ने किस तरह से लिया इस पर आगे विस्तार से पढ़ेंगे।

टीजी का नहीं, उनके मुद्दों को समर्थन

बालू शुक्ला की बातों से यह ज़ाहिर हो रहा था कि वह विवादों से दूर रहना चाहते हैं। उन्होंने सबसे पहले साफ़ तौर पर कहा, "मैं एलजीबीटी समुदाय के मुद्दे को नहीं बल्कि 'टीजी' यानी कि ट्रान्सजेंडर समुदाय के मुद्दे का समर्थन कर रहा हूँ।

ट्रांसजेंडर जिन्हें हम किन्नर भी कहते हैं, पूरे देश में उनकी संख्या 30 से 35 लाख के क़रीब होगी।" उन्होंने कहा, "गुजरात में इस समुदाय के लिए काम करने वाले लक्ष्य ट्रस्ट ने जब इनके कुछ मुद्दों को हमारे सामने रखा तो हमें लगा कि इन मुद्दों पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। फिर हमने ट्रांस्जेंडर लोगों के मुद्दों को प्रधानमंत्री के सामने रखा।"

बालू शुक्ला की कोशिशों के बाद सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक विशेष बैठक बुलाई गई जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव, देश के पासपोर्ट डिपार्टमेंट, पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से भी प्रतिनिधि आए और बैठक के दौरान ज़रूरी बदलावों को लागू करने का निर्णय लिया गया।

पहल से मिल रहा नागरिक अधिकार

गुजरात में ट्रांसजेंडर समुदाय को निःशुल्क राशन कार्ड मुहैया कराए जा रहे हैं और इतना ही नहीं और लिंग परिवर्तन की डॉक्टरी प्रक्रिया भी ट्रांसजेंडर लोगों के लिए निःशुल्क रखी गई है। गुजरात में इस दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है।

बालू शुक्ला ने बताया, "संविधान में नागरिकों के लिए बताए गए कई अधिकारों से ट्रांसजेंडर लोग वंचित है क्योंकि सरकारी काग़ज़ों पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है। न उनके पास राशन कार्ड हैं, न पैन कार्ड, न ड्राइविंग लाइसेंस और न ही पासपोर्ट। सार्वजनिक शौचालय के उपयोग में भी उन्हें तकलीफ़ होती है।"

उन्होंने कहा, "जब हमने प्रधानमंत्री को इससे संबधित पत्र भेजा तब राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र भेजा कि हमारे राज्य में भी इनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाए। तुरंत ही उन्होंने पीडीएस सिस्टम में सभी ज़िला कलक्टरों को सूचित किया कि एक अलग कॉलम बना कर राशन कार्ड में नाम दर्ज कराने की उनको सुविधा दी जाए।"

किन्नरों को भी आसानी से मिलेगा राशन कार्ड

बालू शुक्ला बताते हैं, "इस बदलाव को एक महीना हो गया है और अब टीजी (थर्ड जेंडर) को राशन कार्ड मिल सकता है।"

उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर लोगों की दूसरी समस्या लिंग परिवर्तन की होती है और उसके लिए भी नरेंद्र मोदी ने राज्य के सभी प्रमुख शहरों के सरकारी अस्पतालों में पदाधिकारियों को पत्र लिख कर लिंग परिवर्तन की जटिल प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है।

बालू शुक्ला ने कहा कि वडोदरा के अस्पताल में ऐसे दो लिंग परिवर्तन के ऑपरेशन अगले कुछ ही दिनों में होने वाले हैं और सबसे ज़रूरी बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया 'मेडिको सोशल रिस्पॉन्सिबलिटी' के तौर पर निःशुल्क की जाएगी।"

समुदाय विशेष का वोट बैंक

राज्य के क़ानून, विज्ञान, पर्यटन विकास और संसदीय कार्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने दिसंबर में ही संबंधित विभागों को सूचित किया कि ट्रांसजेंडर लोगों के लिए आवास, आमदनी, बीमा आदि से संबंधित प्रक्रियाएँ सरल बना दी जाएं।

एलजीबीटी समुदाय के लोगों ने जब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लेकर वडोदरा में विरोध प्रदर्शित किया था तब बालू शुक्ला प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे।

इस बारे में उनका कहना है कि चूंकि यह समुदाय भी मतदाता है और वह वहां बतौर सांसद उनके मुद्दों को सुनने के लिए गए थे। सांसद बालू शुक्ला न्यायपालिका के फ़ैसले से सहमति जताते हैं।

शुक्ला की सीट से मोदी

उनका यह भी कहना है कि उनके किए हुए काम किन्नरों को लक्ष्य में रखकर किए जा रहे हैं और पार्टी से, मुख्यमंत्री से भी उनको पूरा सहयोग मिला है। जब बालू शुक्ला से पूछा गया कि क्या यह काम वोट बैंक को मज़बूत बनाएगा तब उन्होंने साफ़ इनकार किया।

बालू शुक्ला ने कहा, ''इस काम में एक सामाजिक ज़िम्मेदारी की बात है और वोटिंग की जहां तक बात है यह पूरे देश में फैले हुए हैं। इनकी संख्या बहुत कम है और वोटिंग पर इसका कुछ असर नहीं हो सकता।''

नरेंद्र मोदी का वडोदरा से चुनाव लड़ने का फ़ैसला क्या बालू शुक्ला की राजनीतिक गतिविधियों में अवरोध बन गया है?

भाजपा की पारंपरिक सीट

इस सवाल के जवाब में बालू शुक्ला कहते हैं, ''प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार अगर इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो उनका हम पर जो विश्वास है वह साबित होता है।''

बालू शुक्ला ख़ुद को पार्टी में 'साइड लाइन' किए जाने की अफ़वाहों को भी बेबुनियाद बताते हैं। उन्होंने कहा, ''वडोदरा की लोकसभा सीट परंपरागत तौर पर भाजपा की है।"

उन्होंने कहा, "इस निर्वाचन क्षेत्र के जो सात विधायक भाजपा के हैं। नगरपालिका, जिला पंचायत, सभी भाजपा के पास है।
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शुक्ला के लिए गौरव की बात

हर जगह पर भाजपा सालों से है और वडोदरा वासियों के सांसद के रूप में मेरे लिए भी गौरव की बात है कि नरेंद्र मोदी ने इस सीट से चुनाव लड़ने का मन बनाया।

मोदी जी का इस सीट को चुनना मेरे लिए 'सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन' या अच्छे काम का प्रमाणपत्र है।"

बालू शुक्ला कहते हैं, "अगर वह चुनाव लड़कर वडोदरा के रास्ते से दिल्ली जाते हैं तो मेरे लिए इससे बड़े गौरव की बात और क्या हो सकती है। उनके नाम की घोषणा हो गई है। उसके बाद मतदाताओं का मूड देख कर कहा जा सकता है कि इस बार चुनाव में ज़बर्दस्त मतदान होगा। मतों का अंतर देश में एक रिकॉर्ड साबित होगा।''
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