अरविंद केजरीवाल ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को डीएलएफ की ओर से सरकार की कृपा के बदले में फायदा पहुंचाए जाने के आरोपों पर दी गई कंपनी की सफाई को आधा सच और झूठा करार दिया है। केजरीवाल ने टि्वटर पर लिखा कि डीएलएफ ने जो प्रतिक्रिया दी है वह आधे सच और झूठ से भरी हुई है। काफी जानकारी दबाई गई हैं।
क्या वाड्रा डीएलएफ की प्रतिक्रिया से सहमत हैं?
उन्होंने लिखा कि हम सोमवार को एक विस्तृत जवाब देंगे। लेकिन क्या वाड्रा डीएलएफ की प्रतिक्रिया से सहमत हैं या उनकी दूसरी कोई राय है। अगर वह बयान देंगे तो हम सराहेंगे।
आरोपों पर रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर लिखा है कि मेरे प्रति इतनी चिंता जताने का धन्यवाद। मैं ठीक हूं और इन तमाम नकारात्मक बातों को सही ढंग से संभाल सकता हूं। मैं अपने प्रियजनों को खो चुका हूं, इससे ज्यादा बुरा क्या हो सकता था।
वाड्रा को नहीं बेची कौडियों में प्रोपर्टी: डीएलएफ
डीएलएफ ने इन आरोपों को खारिज किया है कि उसने रॉबर्ट वाड्रा से फायदा लेने के लिए असुरक्षित कर्जे दिए थे। कंपनी ने कहा कि उसका वाड्रा के साथ एक उद्यमी के तौर पर पारदर्शी सौदा हुआ था।
डीएलएफ का कहना है कि उसने ना तो किसी राज्य सरकार से अनुचित लाभ उठाया है और ना ही उसे दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों की ओर से कोई भूमि आवंटित की गई है।
डीएलएफ ने एक बयान जारी कर कहा कि वाड्रा या उनकी कंपनी के साथ डीएलएफ के कारोबारी रिश्ते उन्हें एक सामान्य उद्यमी समझकर स्थापित किए गए थे।