बांबे हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि तलाकशुदा पिता अपने बच्चों से फोन, ई-मेल, चैटिंग या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से बात कर सकते हैं। पुणे के गैरी सीवेल की याचिका पर फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
सीवेल ने 2008 में अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था। जस्टिस रोशन दल्वी ने फैसले में कहा कि यदि तलाकशुदा पिता अपने बच्चे से सीधे मुलाकात नहीं कर पाते हैं तो कम से कम इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वह अपने बच्चे से जरूर बात कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में जब पिता जेद्दा में और उसका बच्चा मुंबई में हो तो दोनों के बीच अन्य माध्यमों से संपर्क स्थापित करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
उच्च न्यायालय ने पहले कोर्ट अधिकारियों की निगरानी में बच्चे को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पिता से बात कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद दोनों ई-मेल, चैटिंग, टेलीफोन या अन्य माध्यमों से एक-दूसरे से बात कर सकते हैं। रजिस्ट्रार को पुणे जिला न्यायालय में पहले और तीसरे शनिवार को शाम चार से पांच बजे के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था का निर्देश दिया गया है।