यूपी में प्रतापगढ़ जनपद के दिलीपपुर राजघराने की संपत्ति को लेकर शनिवार भोर में भंगवा चुंगी के करीब जमकर बवाल हुआ। असलहाधारियों ने परिसर में तोड़फोड़ करने के साथ ही दस दुकानों में दूसरे ताले जड़ दिए। एसपी के आदेश के बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो असलहाधारी वहां से भाग निकले। राजकुमारी भावना सिंह ने अपने चाचा और प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री पर खुद की हत्या की साजिश रचने की आशंका जताई है।
दिलीपपुर स्टेट की काफी संपत्ति भंगवा चुंगी पर है। आरोप है कि शनिवार भोर में सौ से अधिक असलहाधारी कोठी वाले परिसर में पहुंच गए। गेट का ताला तोड़ने में नाकाम होने पर वे दीवार फांदकर भीतर घुस गए। इसके बाद वे दीवारों पर लगे शिलापट्ट, शौचालय के करीब रखे टाइल्स तोड़ने लगे। दस दुकानों के बाहर लिखे नाम की पोताई करा डाली। इस बीच चौकीदार अंगद सिंह को पीटा और उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इसके बाद उसे वहां से भगा दिया। घटना की जानकारी मिलने पर भोर में चार बजे दिलीपपुर स्टेट की राजकुमारी भावना सिंह ने आला अधिकारियों के साथ ही कंट्रोल नंबर पर सूचना देने की कोशिश की।
पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर राजकुमारी ने अपनी कोठी व संपत्ति पर हो रहे कब्जे से अवगत कराया। एसपी के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस के साथ ही सीओ सिटी एमपी सलोनिया मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पुलिस को देखते ही असलहाधारी बवाली वहां से भाग निकले। कुछ ही देर में राजकुमारी भावना भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचीं। इस दौरान राजकुमारी की शहर कोतवाल से पैतृक संपत्ति को लेकर कहासुनी भी हुई। इस बीच सीओ सिटी ने सभी को शांत कराया। दोपहर में राजकुमारी भावना ने प्रेस कांफ्रेंस में कहाकि उनके चाचा उदय प्रताप सिंह और चचेरे भाई सूरज प्रताप सिंह असलहाधारी समर्थकों के साथ पहुंचे और उनके हिस्से की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से तोड़फोड़ कर चौकीदार को मारापीटा। उसके पास से दस हजार से अधिक रुपए भी छीन लिए।
प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि भी बवालियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद थे और पुलिस पर लगातार दबाव बना रहे थे। उन्होंने आशंका जताई कि उनके चाचा राजा उदय प्रताप सिंह और कैबिनेट मंत्री साजिश रचकर उनकी हत्या करा सकते हैं। इस बाबत सीओ सिटी एमपी सलोनिया का कहना है कि दिलीपपुर स्टेट की पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद है। उसी के संबंध में कुछ लोग तोड़फोड़ करने पहुंचे थे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो वे लोग भाग निकले। तहरीर मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।