मुरादाबाद के कांठ बवाल को लेकर विधानसभा में सोमवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी तकरार भी हुई।
कांठ की घटना के लिए राज्य सरकार ने सीधे भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उपद्रवी नक्सलियों की तरह काम कर रहे थे और वहां एक और गोधरा करवाने की साजिश थी।
हंगामे के बीच काफी देर तक सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। हंगामे का सिलसिला विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के निर्णय के बाद ही थमा।
आजम का भाजपा पर सीधा हमला
दोपहर 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही बसपा सदस्य सदन के बीचोंबीच वेल में आकर बैठ गए थे। अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के आसन ग्रहण करते ही बसपा के सदस्य केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारे लिखे बैनर लेकर खडे़ हो गए और नारेबाजी करने लगे।
बसपा ने कांठ के बवाल के लिए भाजपा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। इस बीच भाजपा के सदस्य भी अपनी जगह खड़े होकर शोर-शराबा करने लगे।
बसपा-भाजपा सदस्यों के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने आरोप लगाया कि उपद्रवी कांठ में एक और गोधरा करवाना चाहते थे। केंद्र सरकार महंगाई नहीं रोक पा रही है। इसी नाकामी को छिपाने के लिए भाजपा यहां उपद्रव करा रही है।
आजम ने कहा कि भाजपा उपचुनाव जीतने के लिए समाज को खून में नहलाना चाहती है। उपद्रवी कांठ में गुजरात के गोधरा की तरह ट्रेन के डिब्बे में आग लगाना चाहते थे।
‘मोदी-अखिलेश का देखो राज, मंहगाई और जंगल राज’
आजम खां ने कहा कि दलितों को कमजोरों से लड़वाया जा रहा है। उपद्रवियों के पथराव में गंभीर रूप से घायल हुए मुरादाबाद के डीएम चंद्रकांत की एक आंख खतरे में है। 30 जून को भाजपा ने आतंकवादियों की तरह हमले किए। कांठ में बाहर के लोग उपद्रव करने आए थे। रेलमार्ग जामकर मुसाफिरों को लूटा गया।
आजम ने कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बसपा और भाजपा सदस्य नारेबाजी करते रहे और आजम लगातार बोलते रहे। कांठ कस्बे के बवाल के लिए सत्तारूढ़ सपा व मुख्य विपक्षी दल बसपा ने मिलकर भाजपा को घेरा।
नेता विरोधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा दंगा कराने की साजिश कर रही है। भाजपा के सतीश महाना ने मुरादाबाद के एसएसपी की बर्खास्तगी की मांग की।
बसपा सदस्य राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लिखे बैनर लहरा रहे थे लेकिन उनके निशाने पर खास तौर पर भाजपा ही थी।
बैनरों में ‘मुंह में राम बगल में छुरी-दंगा कराना भाजपा की मजबूरी।’ ‘मोदी-अखिलेश का देखो राज-मंहगाई और जंगल राज..।’ जैसे नारे लिखे थे।
अध्यक्ष बार-बार सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने का आग्रह करते रहे लेकिन हंगामा चलता रहा। यह सिलसिला 1.35 बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने तक चला।