राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल के दौरान सांसदों के लगातार हंगामा करने पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।
अंसारी ने मंगलवार को सांसदों को चेताते हुए प्रश्नकाल के समय में फेरबदल के लिए रूल्स कमेटी की बैठक की घोषणा की। सांसदों को सदन में उनकी करतूतों का आईना दिखाते हुए अंसारी ने ऐलान किया कि कमेटी की बैठक में वह प्रश्नकाल को खत्म करने की पेशकश करेंगे। कमेटी की बैठक बुधवार को होगी।
अपनी नाराजगी का इजहार करते हुए सभापति ने कहा कि सांसदों के रुख को देखते हुए उनके सामने दो ही विकल्प बचे हैं। वह रूल्स कमेटी से प्रश्नकाल के लिए दिन का कोई और वक्त तय करने को कहें या फिर प्रश्नकाल के प्रावधान को ही खत्म करने की सिफारिश करें।
अंसारी ने सांसदों से कहा कि वे प्रश्नकाल में दिए जाने वाले जवाब के प्रति गंभीर नहीं हैं। अंसारी के आक्रामक तेवरों को देखते हुए ज्यादातर सांसद शांत हो गए लेकिन वॉलमार्ट की लॉबिंग के मसले पर शोर मचा रहे कुछ सांसद फिर भी नहीं माने।
अंसारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान ऐसे कई मौके आए हैं जब प्रश्नकाल के दौरान सांसदों के हंगामे की वजह से सभापति या पीठासीन अधिकारी लाचार से हो गए। इसी वजह से उन्हें रूल्स कमेटी की बैठक बुलानी पड़ी है।
अंसारी के इस ऐलान पर भाजपा के वरिष्ठ सांसद वेंकैया नायडू ने प्रश्नकाल को बाधित करने को जायज ठहराते हुए कहा कि पूरे देश के साथ वह भी सरकार के रुख से विचलित हैं। लिहाजा उनके पास सदन की कार्यवाही के सबसे पहले काल में मुद्दे को उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
साथ ही नायडू ने सभापति से कहा कि वह इन मुद्दों पर सरकार का साथ नहीं दें। उधर अंसारी के इस कदम को कांग्रेस ने सदन के बाहर अपनी नैतिक जीत बताते हुए कहा कि विपक्ष सरकार पर हमला कर गलत कर रही है।