केंद्र सरकार की महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) योजना का फायदा अब विकलांग और वरिष्ठ नागरिक भी उठा सकेंगे। सरकार ने विकलांग (शारीरिक और मानसिक) व्यक्तियों को इस योजना में शामिल किया है।
यही नहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वरिष्ठ नागरिकों को भी मनरेगा में उनके स्वास्थ्य व क्षमता के हिसाब से रोजगार देने की शुरुआत की है। सरकार का कहना है कि बुजुर्ग व्यक्ति शारीरिक श्रम की बजाए अपने अनुभव का योगदान कर योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।
ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ने बताया कि अभी तक मनरेगा के तहत उन्हीं लोगों को रोजगार दिया जा रहा था जो शारीरिक रूप से सक्षम थे लेकिन शारीरिक रूप से कमजोर, विकलांग और गरीब बुजुर्गों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस संबंध में सरकार के पास लगातार सुझाव आ रहे थे। इसके चलते केंद्र ने इसमें विकलांग और बुजुर्गों को भी शामिल किया है।
जैन के मुताबिक शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को उनकी क्षमता के मुताबिक रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे उन लाखो लोगों को लाभ मिल सकेगा जो काम करने में सक्षम होने के बावजूद विकलांगता के चलते कमाने में असमर्थ हैं।
साथ ही उन बुजुर्गों को भी फायदा होगा, जोकि अनुभव होने के बावजूद शारीरिक बल के अभाव में कोई काम नहीं सकते हैं और इसके चलते गरीबी व लाचारी के दिन गुजारने को मजबूर हैं।