बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में बरी हो गए हैं। मुंबई के गिरगांव मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने मंगलवार को उन्हें निर्दोष करार दे दिया है।
हालांकि दिलीप कुमार खुद अदालत में पेश नहीं हुए, लेकिन अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। इस मामले में अदालत ने कुल चार आरोपियों में से दो लोगों को दोषी करार दिया है, जबकि दिलीप कुमार सहित दो को निर्दोष बरी कर दिया है।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि दिलीप कुमार सीधे अभियुक्त नहीं थे और कंपनी के मामलों में उनका नियमित दखल भी नहीं था। इसलिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
मामला साल 1998 का है जब दिलीप कुमार कोलकाता स्थित ट्रेडिंग कंपनी जीके एक्जिम इंडिया लिमिटेड में डायरेक्टर थे। उस वक्त कंपनी में निवेश की गई रकम के बदले में लौटाए गए करीब 57 लाख रुपये का चेक बाउंस हो गया था। इसके बाद निवेशक स्मिता श्रॉफ ने अदालत में चेक बाउंस का मुकदमा कर दिया था।
इस मामले में कुल 20 आरोपी थे, जिनमें से 16 पहले ही डिस्चार्ज हो चुके थे। मंगलवार को अदालत ने बाकी चार में से दिलीप कुमार और विमल कुमार राठी को बरी कर दिया।
अपने जमाने के मशहूर फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो ने सोमवार को 94 वर्षीय अभिनेता के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए ट्विट कर चिंता जाहिर की थी कि दिलीप साहब एक पुराने केस में मंगलवार को गिरगांव में मैट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट बीएस खराडे की अदालत में पेश होंगे। इस केस में कोर्ट जजमेंट भी दे सकता है। आप लोग उनकी सेहत के लिए दुआ करें। मुझे आपका समर्थन चाहिए।
सायरा बानो ने दिलीप कुमार की हिम्मत की तारीफ करते हुए लिखा था कि 94 साल की इस उम्र में साहब की सेहत बेहद गिर चुकी है। वह न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का सामना कर रहे हैं लेकिन, उन्होंने कभी अदालत से इस केस में नई तारीख के लिए गुहार नहीं लगाई।