प्रदेश के शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने भर्ती घोटाले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ) पर कोर्ट में जमा किए गए सबूतों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना था कि एसटीएफ ने नौकरी के लिए संविदा शिक्षकों के नामों की अनुशंसा करने वाले सीएम शिवराज सिंह चौहान का नाम एक्सल शीट में कई जगहों से हटा दिया है।
सोमवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ प्रेंस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त एसआईटी के समक्ष हलफनामा दाखिल किया जिसमें 48 स्थानों पर ‘सीएम’ शब्द होने की बात है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस शब्द को 21 जगह पर सिर्फ ‘मंत्री’ व 18 जगह पर ‘उमा भारती’ व एक जगह पर ‘एमएस’ से बदल दिया गया है।
कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री और सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ये आरोप काल्पनिक, आधारहीन व अस्तित्वहीन हैं। मिश्रा ने कहा कि हमे एसआईटी, एसटीएफ और हाईकोर्ट में पूरा विश्वास है। यदि जरूरत पड़ी तो सरकार इन आरोपों की जांच करवा सकती है।