अपने बयानों के चलते अक्सर विवादों में रहने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अब सुप्रीम कोर्ट पर निशाना साधा है।
सर्वोच्च अदालत द्वारा सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहने पर आपत्ति जताते हुए दिग्विजय ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से राष्ट्रीय संस्थाओं का महत्व घटता है।
इस बयान के बाद भाजपा ने दिग्विजय पर पलटवार करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करने की बजाय सरकार यह बताए कि इतने घोटाले क्यों हो रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने अपने महासचिव के बयान से खुद को अलग करना ही बेहतर समझा है।
सोमवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को पिंजरे का तोता बताया, तो बंगलूरू में केंद्रीय प्रशासनिक पीठ ने खुफिया ब्यूरो यानी आईबी को चूजा कह दिया। अब आम लोगों से मेरा यह सवाल है कि क्या ऐसा करके हम अपने राष्ट्रीय संस्थानों को छोटा नहीं कर रहे हैं। मैं आपका जवाब चाहता हूं।’
उन्होंने मीडिया को कहा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप हमारे संस्थानों को चूजा या तोता कहने वालों तक पहुंचें। आप उनसे इस बारे में प्रतिक्रिया लें।
दिग्विजय ने कहा, ‘मैं न्यायपालिका का बेहद सम्मान करता हूं और अपने राजनीतिक कैरियर में कभी भी मैंने न्यायपालिका का अनादर नहीं किया। मगर मेरा सिर्फ इतना निवेदन है कि न्यायपालिका की इस तरह की टिप्पणियां बेवजह ही सुर्खियां बनती हैं और जिसके खिलाफ यह टिप्पणी की जाती है, उसे अपनी सफाई में कुछ कहने का मौका भी नहीं मिलता।’
पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट ने कोयला आवंटन मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की तुलना पिंजरे में बंद तोते से की थी। सीबीआई की ओर से अपनी जांच रिपोर्ट को सरकार के नुमाइंदों को दिखाने के संबंध में कोर्ट ने यह टिप्पणी की थी। वहीं केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की बंगलूरू पीठ ने कहा था कि आईबी एक चूजे की तरह है। पीठ ने भारतीय पुलिस सेवा की एक महिला अधिकारी की याचिका पर यह बात कही थी।