हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल और मौजूदगी पर भारत में गहरी चिंता है। भारत के आसपास समुद्री क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ा रहे चीन का मुद्दा नौसेना की मंगलवार से शुरू हो रही कमांडर कांफ्रेंस में उठेगा।
रक्षा मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट में सरकार को चीनी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी पर आगाह किया गया है। रिपोर्ट में अमेरिकी एजेंसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि चीन की पनडुब्बियां हिंद महासागर में कम से कम 22 बार अपने समुद्री क्षेत्र की सीमा से बाहर गईं।
रिपोर्ट के मुताबिक चीन भारत के पास स्थित देशों के बंदरगाहों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में कामयाब रहा है। मसलन बांग्लादेश के चटगांव, म्यांमार के सितवे और कोको द्वीप, श्रीलंका के हंबनटोटा और पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर उसका दबदबा है। इससे समुद्र के जरिए भारत को घेरने की उसकी क्षमता में भारी इजाफा हुआ है।
रक्षा मंत्री एके एंटनी इस कांफ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। सूत्रों ने बताया कि कांफ्रेंस में नौसेना में अनुशासन का मुद्दा भी उठेगा। मालूम हो कि हाल ही में नौसेना के कुछ अधिकारियों पर पत्नियों की अदला बदली के आरोप लगे थे।
आईएनएस विराट में तैनात एक अधिकारी को महिलाओं को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में बर्खास्त भी कर दिया गया था। इसके अलावा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य को भारत लाने में हो रही देरी पर भी चर्चा होगी।
स्ट्राइक कोर जल्द गठन चाहते हैं सेना प्रमुख
लद्दाख में चीनी घुसपैठ की घटना के बाद सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने पूर्वोत्तर में तैनाती के लिए स्ट्राइक कोर के गठन पर जल्द फैसला करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ाया है। समझा जाता है कि सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ इस मसले को उनकी लद्दाख यात्रा के दौरान उठाया। एंटनी चीनी घुसपैठ के बाद एलएसी के पास स्थिति का जायजा लेने लद्दाख गए थे।