विरोधी हो या समर्थक, कोई इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि 2014 के लोकसभा चुनाव मोदी बनाम विरोधी में तब्दील हो चुके हैं। जाहिर है, इसके पीछे भाजपा का आक्रामक चुनाव प्रचार अभियान है।
अखबार से लेकर टीवी तक और रेडियो से लेकर सड़क पर लगे होर्डिंग तक, भाजपा ने मोदी के प्रचार में ऐड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। हालांकि, इस प्रचार अभियान पर खर्च होने वाली रकम पर भी सवाल उठे हैं।
दरअसल, भाजपा अभियान पर छाती फुला रही है और विरोधी इसे 2004 के भारत उदय कैंपेन की तरह जल्द फूटने वाला गुब्बारा बता रहे हैं। लेकिन यह जरूर है कि प्रचार अभियान और पब्लिक रिलेशंस से जुड़ीं नरेंद्र मोदी की कोशिशों ने उनके विरोधियों को भी प्रभावित किया है।
कांग्रेस नहीं रख पाई अपनी बातः दिग्गी
टीवी चैनल के एक कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव और भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के धुर विरोधी माने जाने वाले दिग्विजय सिंह ने भी माना है कि भाजपा ने चुनाव प्रचार के मामले में कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है।
दिग्गी राजा ने स्वीकार किया कि कांग्रेस अपनी बात सही तरह से जनता के सामने नहीं रख पाएगी। यूपीए के कार्यकाल में सरकार कई उपलब्धियों तक पहुंची, लेकिन उन्हें प्रभावी रूप से जनता के बीच ले जाया नहीं गया।
उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं के कुछ बयानों के मायने गलत निकाले गए और विरोधी इस बात का फायदा उठा ले गए, जबकि हकीकत यह थी कि वो सच बयान कर रहे थे।
'शुरुआत विकास से, बाद में हिंदुत्व एजेंडा'
कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वो 1977 से सक्रिय राजनीति में है, लेकिन पहली बार किसी चुनाव को मीडिया में इतना प्रचार मिल रहा है। अपने विरोधी नरेंद्र मोदी को लेकर उन्होंने कुछ खास कहा।
दिग्गी ने कहा, "इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि नरेंद्र मोदी बेहतरीन प्रचारक हैं।" इससे पहले कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने भी स्वीकार किया था कि चुनावों से ऐन पहले मोदी की आमद ने भाजपा में नई जान डाल दी, वरना उससे पहले वो सुस्त पड़ी थी।
हालांकि, दिग्विजय ने यह भी कहा कि भाजपा सांप्रदायिक राजनीति कर रही है, जैसा कि हमेशा करती आई है। उन्होंने कहा, "बीजेपी ने चुनाव की शुरुआत विकास से की, लेकिन अब फिर वही हिंदुत्व का एजेंडा आ गया है।"
'प्रचारक एक झूठ सौ बार बोलते हैं'
ऐसा कहा जा रहा है कि कांग्रेस सौ सीटों पर सिमट जाएगी, इस पर उन्होंने कहा, "इस देश की राजनीति में संघ के प्रचारकों का जिस तरह से प्रशिक्षण होता है। और प्रचारक जिस तरह से काम करते हैं कि एक झूठ सौ बार बोलो। मोदी एक संघ के बेहतरीन प्रचारक हैं। हमें नंबर जनता देगी।"
जब कांग्रेस नेता से यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस ने मोदी का हौव्वा दिखाकर वोट बटोरने की कोशिश नहीं की, तो उन्होंने कहा, "गुजरात में जमीन बांटने का तरीका गलत रहा है और इसे सामने रखना हमारा कर्तव्य है।"
उन्होंने कहा कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री चिमन लाल पटेल ने काफी पहले जिन दरों पर उद्योगपतियों को जमीन दी, मोदी ने उसके आसपास का इलाका एक-तिहाई दामों पर बांटा। जब उनके सामने रॉबर्ट वाड्रा का मामला रखा गया, तो उन्होंने कहा, "हरियाणा और गुजरात का मामला पूरी तरह अलग है। रॉबर्ट वाड्रा को हरियाणा सरकार की तरफ से एक इंच जमीन भी नहीं दी गई है।"
अमृता राय से रिश्ते पर टाल गए सवाल
कांग्रेस महासचिव नरेंद्र मोदी पर उनकी पत्नी को स्वीकार न करने को लेकर लंबे वक्त तक हमला बोलते रहे हैं। लेकिन हाल में जब उनके एक टीवी पत्रकार से रिश्तों का खुलासा हुआ, तो बवाल मच गया।
जब दिग्विजय सिंह से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "निजी रिश्तों को लेकर मुझे जो कुछ कहना था, मैं कह चुका हूं।" जब मोदी और उनकी पत्नी का मामला उठाया गया, तो इस पर उन्होंने कहा कि मोदी ने झूठ बोला, जबकि उन्होंने रिश्ते को स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी निजी मामलों का खुलासा नहीं किया है और न वो किसी नेता पर कोई निजी आरोप लगाती है। लेकिन अगर भाजपा के पीएम पद के दावेदार ने अब तक अपनी पत्नी के बारे में खुलासा नहीं किया था, तो सवाल उठाना लाजिमी है।
नीच राजनीति पर दी सफाई
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी की दिग्गी राजा ने खूब तारीफ की। जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रियंका रायबरेली और अमेठी से बाहर प्रचार करती हैं, तो कांग्रेस के लिए बेहतर नहीं होता, दिग्विजय ने इसका सधा जवाब दिया।
उन्होंने कहा, "प्रियंका जिस तरह अपनी बात सामने रखती हैं, उसकी तारीफ करनी होगी। वो बहुत कम शब्दों में अपनी बात प्रभावी तरीके से सामने रख सकती हैं।" हाल में प्रियंका के नीच राजनीति वाले बयान पर खूब बवाल कटा। कांग्रेस महासचिव उनका बचाव करते दिखे।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी ने नीच जाति को लेकर जो बयान दिया, उसके मायने हल्की राजनीति से थे। लेकिन इसे गलत तरीके से जाति के रूप में प्रचार किया गया।
'चुनाव बाद विपक्ष में बैठने को तैयार'
कांग्रेस के पास अगर पर्याप्त सीटें नहीं आती, तो वो विपक्ष में बैठेगी या तीसरे मोर्चे की सरकार को समर्थन देगी, इस पर कई दिन से सवाल किए जा रहे हैं। दिग्गी राजा ने कुछ धुंध छांटने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में विपक्ष में बैठना कोई शर्म की बात नहीं है। अच्छा लोकतंत्र तभी होता है, जब सत्ता और विपक्ष, दोनों मजबूत हों। लोकतंत्र अगर सही ढंग से चलता है, तो कोई एक पार्टी हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी। यहां भी ऐसा है।"
दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैंने 1977 में जब अपनी राजनीति की शुरुआत की, तो विपक्ष से की। अगर विपक्ष चाहें, तो देश में सत्ता पक्ष जितनी रचनात्मक भूमिका अदा कर सकता है।" क्या कांग्रेस हारी, तो इस बार राहुल गांधी जिम्मा लेंगे, इस पर उन्होंने कहा, "पार्टी इसका फैसला करेगी।"