नियंत्रक और महालेखा परीक्षक विनोद राय ने सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाएं हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने सरकार और उद्योगपतियों के बीच सांठगांठ होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हो सकता है कि हम भ्रष्टाचार को पूरी तरह से दूर न कर पाएं लेकिन हम अपनी कोशिशों से सरकार और उद्योगपतियों के बीच सांठगांठ का खुलासा करते रहेंगे।
वहीं, कैग के बयान पर जवाबी हमला बोलते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि कैग को सरकार और सिस्टम से परेशानी है तो वे राजनीति में आ जाएं।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में विनोद राय ने कहा, "हमे सलाह दी जाती है कि ऑडिटिंग पॉलिसी निर्माण पर कोई सवाल न उठाएं, लेकिन हमारे मन में ये सवाल लगातार उठता है कि चाहे वो संसद हो या आम जनता, क्या वे हमसे केवल ऐसा लोक परीक्षक होने की उम्मीद करते हैं जो कि सरकार के खर्च का केवल गुणा-भाग ही करता रहे?"
विनोद राय ने कहा कि," सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विभागों के ऑडिट में क्या एक लोक परीक्षक के रूप में हमें अपनी भूमिका को संसद में रिपोर्ट पेश करने तक सीमित रखना चाहिए या अपनी रिपोर्टों में जनभावनाओं का भी ख्याल रखना चाहिए?"