इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर की चार्जशीट दायर हो जाने के बाद इशरत की लश्कर आतंकी संबंधी पहचान पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने इस सिलसिले में शुक्रवार को गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से मुलाकात की।
दिग्विजय के मुताबिक उन्होंने शिंदे से इशरत की सही पहचान के बारे में खुलासा करने को कहा है। इसकी प्रतिक्रिया में शिंदे ने कहा कि वह इस बाबत सभी संबंधित एजेंसियों से बात कर रहे हैं।
'नरेंद्र मोदी ने दिया था इशरत को मारने का आदेश'
दिग्विजय ने कहा कि इशरत को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), आईबी और सीबीआई अलग-अलग बयान दे रहे हैं। सरकार को यह साफ करना चाहिए कि 26/11 आरोपी डेविड हेडली ने इशरत के बारे में पहले जो कहा था, वह सही है या गलत।
एनआईए का दावा है कि हेडली ने पूछताछ में बताया था कि इस एनकाउंटर में मरने वाली लड़की लश्कर के लिए काम करती थी। हालांकि आईबी ने एनआईए के इस दावे को अब तक रिकार्ड पर नहीं लिया है।
जानिए, क्या है इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर केस?
गृह मंत्रालय की फाइलों में इशरत के लश्कर कनेक्शन पर मतभेद है। आईबी के ऑपरेशन मामले में जुड़े अधिकारी अभी भी इशरत को लश्कर आतंकी नहीं मानते।
हालांकि इस बात पर कोई संशय नहीं कि इशरत के साथी जावेद और दो पाकिस्तानी लश्कर आतंकी थे। यही वजह है सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में इशरत और उसके साथियों की पहचान के बारे में कोई चर्चा नहीं की है।