केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री शशि थरूर ने शुक्रवार को ई-9 मंत्री समीक्षा बैठक का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दुनिया के नौ सर्वाधिक जनसंख्या वाले देशों के प्रतिनिधि वर्ष 1990 में शिक्षा पर हुए विश्व सम्मेलन में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
हम विश्व स्तर पर सभी बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा मुहैया कराने और अध्यापन के अवसर बढ़ाने के लक्ष्य के प्रति कार्यरत हैं। हम जानते हैं कि दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी इन नौ देशों में रहती है और वैश्विक शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इन देशों में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
थरूर ने कहा कि भारत सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को लेकर सतत रूप से कार्यरत है। भारत ने हमेशा से सभी आर्थिक व सामाजिक वर्गों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास किए हैं। भारत सरकार ने वर्ष 2009 में शिक्षा के अधिकार जैसे कानून द्वारा सभी को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने संबंधी महत्वपूर्ण कदम उठाया।
थरूर ने आशा व्यक्त की कि दो दिन की इस बैठक के दौरान मिले सुझावों और विचार विमर्श से सभी के लिए शिक्षा प्रदान करने के स्पष्ट लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमें अपने प्रयासों में तेजी लाने की आवश्यकता है।
साथ ही इसके बाद के लक्ष्यों पर भी विचार करना होगा। आज विश्व के कई देश आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं, जिससे वहां की शैक्षिक प्रणाली प्रभावित हुई है। इसके विपरीत ई-9 देशों में से कई देश अपनी अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास को गति प्रदान करने में सफल रहे हैं।