लोकपाल पर देशभर में चल रहे आंदोलनों का दौर भले ही खत्म हो गया हो। लेकिन मंत्रालयों के बीच हलचल बदस्तूर जारी हैं। बुधवार को केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने दबी जुबान में यह स्वीकार किया कि उनके मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय के बीच लोकपाल को लेकर मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि दोनों मंत्रालयों के विचार इस मसले पर एक-दूसरे से अलग हो सकते हैं जिन्हें कैबिनेट देखेगी। लोकपाल बिल के नए मसौदे पर कैबिनेट बृहस्पतिवार को विचार करेगी।
कानून मंत्री ने कहा कि दो मंत्रालयों की अवधारणाओं में फर्क हो सकता है। यह कोई बड़ी बात नहीं है, कैबिनेट इन्हीं मसलों पर विचार करके सटीक निर्णय लेती है। मालूम हो कि लोकपाल मुद्दे पर समाजसेवी अन्ना हजारे के आंदोलन को देशभर की जनता से मिले समर्थन के बाद सरकार ने लोकपाल विधेयक लाने का फैसला किया था।
लोकसभा में यह विधेयक पास हो चुका है और राज्यसभा में लंबित है। कानून मंत्री ने दिल्ली गैंगरेप की शिकार युवती के पिता की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनसे मिलने की इच्छा के सवाल पर कहा कि मेरे लिए उनसे मिलना सम्मान की बात होगी। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के मसले पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
देश की अदालतों को बेहतर बनाने में धन के अभाव के सवाल पर कानून मंत्री ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में सुधार के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। न्यायपालिका के बेहतर विकास के लिए वित्त आयोग से भी आग्रह करूंगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में न्यायपालिका के लिए धन के अभाव की समस्या नहीं रहेगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलें नेताओं के मामले
आपराधिक मामलों में शामिल उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराने की जस्टिस जेएस वर्मा समिति की सिफारिश को कानून मंत्री अश्विनी कुमार का भी कुछ हद तक समर्थन मिला है। कुमार ने ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की जरूरत बताई है।
कानूनी मंत्री के अनुसार नेताओं के खिलाफ मामलों में निचली अदालत को 18 महीनों के भीतर निर्णय देना चाहिए। कुमार ने बुधवार को यहां चुनाव सुधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत से चर्चा भी की। बाद में उन्होंने बताया कि कानून आयोग से इस मुद्दे पर अप्रैल से पहले सुझाव देने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि हमारी चुनाव प्रणाली से आपराधिक और अवांछनीय तत्वों को बाहर रखने की जरूरत है। साथ ही पैसे और बाहुबल के प्रभाव को भी खत्म करना महत्वपूर्ण है।
जुवेनाइल नियमों पर भी होगा विचार
अश्विनी कुमार ने कहा है कि सरकार जुवेनाइल नियमों पर सभी विकल्पों को देख रही है और इस बारे में जल्द किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा। मालूम हो कि दिल्ली गैंगरेप में शामिल एक नाबालिग के कड़ी सजा से बचने की आशंका के मद्देनजर नाबालिग की उम्र को 18 से घटाकर 16 करने की मांग की जा रही है।