आसियान देशों के साथ सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने के मसले को लेकर कैबिनेट की बैठक में दो केंद्रीय मंत्री आपस में ही भिड़ गए।
इस मुद्दे पर वित्त मंत्री पी चिदंबरम और वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए।
सूत्रों का कहना है कि चिदंबरम का मानना है कि आसियान के साथ एफटीए को लेकर शर्मा को वित्त मंत्रालय से चर्चा करनी चाहिए थी। वहीं दूसरी ओर शर्मा का कहना है कि वित्त मंत्रालय के साथ इस संदर्भ में बैठक हुई है।
समझा जा रहा है कि चिदंबरम ने अपना पक्ष सही साबित करने के लिए कैबिनेट में बैठक के मिनट्स भी पेश किए। साथ ही कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने भी इस मसले पर चिदंबरम का पक्ष लिया।
इस समझौते पर बाली में अगले महीने होने वाले डब्ल्यूटीओ सदस्यों की 9वीं मंत्रिस्तरीय कांफ्रेंस में हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। समझौते से 10 सदस्यीय आसियान देशों जैसे सिंगापुर, मलयेशिया और इंडोनेशिया में भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए काम करने के अवसर बढ़ेंगे और निवेश की सुविधा भी मिलेगी।
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