पोंटी चड्ढा देश के साथ-साथ विदेश में भी कारोबार फैलाना चाहता था। पाकिस्तान, अमेरिका, दुबई और इथोपिया में कारोबारी गुफ्तगू जारी थी और इन देशों में बड़े प्रोजेक्ट शुरू होने वाले थे। कुछ देशों में कारोबार चल भी रहे थे। पोंटी हत्याकांड में सुखदेव सिंह नामधारी का नाम आने के बाद अब इस बात की जांच की जा रही है कि विदेशों में पोंटी के व्यापार में नामधारी का पैसा तो नहीं लगा था। पोंटी नामधारी के साथ कितनी बार कहां-कहां गए थे इसकी भी जांच की जा रही है।
पोंटी के साथ नामधारी का जुड़ाव किस हद तक था। काराबोरी या दोस्ती का रिश्ता कितना गहरा था और कहीं किसी अपने लाभ के लिए नामधारी ने शूटआउट का षडयंत्र तो नहीं किया? इन्हीं सवालों का जवाब ढूंढ रही हैं पुलिस और खुफिया एजेंसियां।
दूतावासों से संपर्क कर जहां यह जानने की कोशिश की जा रही है कि नामधारी और पोंटी कब-कब विदेश गए। साथ-साथ कब और कितने दिन के लिए उन्होंने दौरा किया। वहीं, विदेशों में कारोबारी साझीदारी का भी पता लगाया जा रहा है ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। नामधारी से भी इस संबंध में पुलिस ने पूछताछ की है।