मद्रास हाईकोर्ट के एक जज को पारंपरिक परिधान धोती में एक क्लब में प्रवेश नहीं दिए जाने की घटना पर विवाद गहरा गया है।
कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई की तरफ से रविवार को घटना पर अफसोस जताने के बाद डीएमके ने भी इस घटना की निंदा की है। वहीं माकपा ने कहा है कि वह इस मुद्दे को तमिलनाडु विधानसभा के सोमवार से शुरू हो रहे सत्र में उठाएगी।
डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि और तमिलनाडु कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बीएस ज्ञानदेशिकन ने सरकार से सार्वजनिक समारोह में किसी भी तरह के ड्रेस कोड को खत्म करने की मांग की है।
ज्ञानदेशिकन ने कहा कि अहम यह नहीं कि वहां धोती पहनकर कौन गया था लेकिन राज्य में धोती पहनकर क्लब में जाने से रोकने का नियम अस्वीकार्य है। इसके अलावा पीएमके के संस्थापक एस रामदास ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने के इस तरह के नियमों को समाप्त किया जाना चाहिए।
मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस डी हरिपरंतमन को हाल ही में तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के क्लब में सिर्फ इसलिए नहीं जाने दिया गया क्योंकि उन्होंने धोती पहनी थी। जज ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि अगर ड्रेस कोड है भी तो यह उन लोगों पर जबरदस्ती लागू नहीं करना चाहिए जो इसके सदस्य नहीं हैं। उन्होंने इस तरह के नियमों को खत्म करने की भी मांग की।