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जी समूह का लाइसेंस रद्द करने की मांग

Tue, 18 Dec 2012 01:57 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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जिंदल समूह से उगाही के प्रयास करने के मामले में अदालती कार्रवाई झेल रहे जी समूह की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। लोकसभा में कई सांसदों ने जी समूह का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की।
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हालांकि सरकार ने साफ किया कि फिलहाल इस मामले में वह दखल नहीं देगी। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनीष तिवारी ने कहा कि अभी यह अदालत में मामला चल रहा है। सरकार कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगी जिससे संविधान के अनुच्छेद-19 से संबंधित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन हो।

वहीं कांग्रेस के चौधरी लाल सिंह ने जी समूह के खिलाफ सरकार द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का ब्यौरा मांगते हुए कहा कि स्टिंग ऑपरेशन में फंसे सांसदों को सदन से बर्खास्त किया जा सकता है तो चैनल समूह का लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया जा सकता?
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जनता दल (यूनाइटेड) के शरद यादव ने सरकार से पूछा कि क्या प्रेस परिषद को दोषी मीडिया संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया जाएगा। जवाब में तिवारी ने कहा कि परिषद के पास हर अधिकार मौजूद है। परिषद जरूरत पड़ने पर कार्रवाई जरूर करेगी।
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