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वकील लड़ रहे थे, सोमनाथ पतंग उड़ा रहे थे

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दिल्ली सरकार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अपने कानून मंत्री सोमनाथ भारती को बचाने के लिए मजबूती से खड़ी केजरीवाल सरकार का सिरदर्द हर दिन गुजरने के साथ बढ़ता जा रहा है।
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खिड़की एक्सटेंशन में कुछ विदेशी महिलाओं से बदतमीजी को लेकर आलोचना के घेरे में आए सोमनाथ भारती को शुक्रवार दोपहर दिल्ली महिला आयोग के सामने पेश होना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

हालांकि, किस्सा सिर्फ यहीं तक नहीं है। हुआ यह है कि सोमनाथ भारती की तरफ से उनके वकील पक्ष रखने पहुंचे, लेकिन महिला आयोग ने उन्हें सुनने से इनकार कर दिया। मीडिया कैमरों के सामने बहस हुई, ऊंची आवाज में दलीलें दी गईं और झगड़ा भी हुआ। पूरा ड्रामा मच गया।
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महिला आयोग में हुई झड़प

दिल्ली महिला आयोग की ओर से सोमनाथ भारती को आज दोपहर में पेश होने का आदेश दिया गया था और उम्मीद भी जताई जा रही थी कि वह जरूर पहुंचेंगे। लेकिन भारती ने एक बार फिर निराश किया। अब आयोग उप-राज्यपाल से मुलाकात पर विचार कर रहा है।

भारती के बजाय उनके वकील दिल्ली महिला आयोग पहुंचे और बवाल मच गया। दिल्ली महिला आयोग ने उनकी तरफ से कोई भी सफाई सुनने से इनकार कर दिया। जबकि वकील बार-बार अपनी दलील देते रहे।

महिला आयोग का कहना था कि सोमनाथ भारती को खुद पेश होना चाहिए और अगर वह किसी वजह से पेश नहीं हो सकते थे, तो इस बात की जानकारी दी जानी चाहिए थी और साथ ही लिखित में बताना चाहिए था कि उनकी नुमाइंदगी ये वकील करेंगे।

आयोग ने किया दलील सुनने से इनकार

जब वकील महिला आयोग पहुंचे, तो मीडिया मौजूद था ऐसे में कैमरों के सामने ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। सोमनाथ के वकील का कहना था कि किसी मंत्री की तरफ से उनके वकील पेश होने आए हैं, लेकिन उनकी बात तक नहीं सुनी जा रही।

दूसरी तरफ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह का कहना था कि वह इस तरह किसी को भी नुमाइंदगी का अधिकार नहीं दे सकतीं और यह बात भारती को उन तक लिखित में मुहैया करानी होगी।

कानून मंत्री के वकील ऋषिकेश बार-बार कह रहे थे कि आगे के ‌लिए उन्हें निर्देश ‌बता दिए जाएं, लेकिन आयोग इस बारे में कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं था। वहां बड़ी अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई।

वकीलों को चले जाने के लिए कहा

बरखा सिंह के साथ मौजूद महिला आयोग की सदस्य वकीलों को वहां से बार-बार चले जाने के लिए कह रही थीं, लेकिन वकील अपना पक्ष रखे बिना जाने को तैयार नहीं थे।

महिला आयोग जानना चाहता था कि सोमनाथ भारती पेश क्यों नहीं हुए‍? बरखा सिंह ने वकीलों से सवाल किया कि क्या वह मेडिकली फिट नहीं हैं?

वकीलों ने माना कि सोमनाथ भारती को कल समन मिला है, लेकिन वह आज पेश नहीं हो सकते। वे पूछ रहे थे कि आगे के लिए क्या निर्देश हैं। आयोग कह रहा था कि आप अधिकार नहीं रखते यह जानने का, क्योंकि हम कैसे मान लें कि आप लोगों को वाकई भारती ने भेजा है।

वकीलों ने जताया गुस्सा

महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि हम आगे बताएंगे कि क्या करना है। अब ऐसा कहा जा रहा है कि दिल्ली के कानून मंत्री अब सोमवार को आयोग के सामने पेश हो सकते हैं।

आयोग ने वकीलों से कहा कि सोमनाथ भारती को पहले लिखित में सफाई देनी होगी कि वह कब पेश होंगे और तब तक कोई बात नहीं होगी। ऐसा कहा जा रहा है कि जिस वक्‍त उन्हें महिला आयोग में पेश होना था, वह पतंगबाजी के कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे।

उनके वकील ऋषिकेश ने कहा, "हमें कल नो‌टिस मिला है और भारती केवल आज पेश नहीं हो सके। वह महिला आयोग के आदेश का सम्मान करते हैं। लेकिन हमारे साथ एकतरफा कार्रवाई हो रही है। हमें अपनी बात रखने तक का मौका नहीं दिया गया।"
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आम आदमी पार्टी बचाव में जुटी

दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती मुश्किल में फंसते दिख रहे हैं। दरअसल, यह सारा मसला युगांडा की सात महिलाओं के यहां छापा मारने से जुड़ा है। इन महिलाओं ने एफआईआर दर्ज कराई है कि भारती ने उन्हें धमकी दी और नस्ली टिप्पणी कीं।

भारती इसलिए ज्यादा दिक्कत में दिख रहे हैं, क्योंकि इनमें से एक महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में भारती को उस शख्स के रूप में पहचाना है, जो उस दिन भीड़ की अगुवाई कर रहे थे।

हालांकि, आम आदमी पार्टी ने भारती के इस्तीफे की मांग सिरे से खारिज कर दी है। उसका कहना है कि लोगों की समस्याएं सुलझाने की कोशिश करने के लिए भारती की तारीफ की जानी चाहिए।
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