राजधानी को अपराध मुक्त करने के दिल्ली पुलिस के दावे हकीकत से कोसों दूर हैं।
दिल्ली में अपराध के बढ़ते आंकड़े दिल्ली पुलिस को आईना दिखाने के लिए काफी हैं। यहां रोजाना 10 महिलाओं से छेड़छाड़ और पांच से दुष्कर्म के मामले दर्ज होते हैं।
ऐसे मामले न जाने कितने हैं, जो थानों तक नहीं पहुंचते। दिल्ली में रोजना झपटमारी के छह और लूट की तीन वारदातें दर्ज होती हैं।
वर्ष 2013 के शुरुआती 83 दिन की तुलना पिछले वर्ष की शुरुआत के 83 दिन से करें तो राजधानी में छेड़छाड़ की घटनाओं में करीब 590 फीसदी, दुष्कर्म में 147 फीसदी और झपटमारी में 73 फीसदी की वृद्धि हुई है।
वैसे दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) दीपक मिश्रा का कहना है कि आंकड़ों पर न जाएं। दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित हैं। वसंत विहार गैंगरेप मामले में आंदोलन के बाद दिल्ली पुलिस की सुस्ती टूटी थी और 24 घंटे चेकिंग की गई थी।
थानाध्यक्षों को 24 घंटे थाने में रहने का आदेश दिया गया था और पुलिसकर्मियों को सड़कों पर मुस्तैद कर दिया गया था, लेकिन स्थिति और बिगड़ गई।
शोहदों से त्रस्त ‘आधी आबादी’ का सड़कों पर निकलना दुश्वार हो गया है। वैसे कुछ पुलिस अफसरों का कहना है कि आजकल छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले बदले की भावना से दर्ज कराए जाने लगे हैं। इस वजह से आंकड़े बढ़ रहे हैं।
‘अतिथि देवो भव:’ को करारा झटका: एसोचैम
एसोचैम सोशल डेवेलपमेंट फाउंडेशन की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार वसंत विहार गैंगरेप मामले की वजह से भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है।
सर्वे के अनुसार पिछले तीन महीने में भारत आने वाली विदेशी महिला पर्यटकों की संख्या में करीब 35 फीसदी की कमी आई है, जबकि कुल विदेशी पर्यटकों की संख्या में 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
-अब हर शिकायतकर्ता की शिकायत दर्ज हो रही है। इस वजह से आंकड़ों का ग्राफ बढ़ रहा है। महिलाओं से जुड़े करीब 95 फीसदी मामले मात्र 72 घंटे के भीतर सुलझा लिए जाते हैं।
- दीपक मिश्रा, विशेष पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर), दिल्ली
अपराध की राजधानी
अपराध-----------2012------2013---------बढ़ोतरी (फीसदी में)
छेड़छाड़-----------115--------794----------590.4
बलात्कार---------145--------359----------147.6
दंगे--------------11----------27------------145.5
स्नैचिंग----------281--------486-----------73
लूट--------------122--------201-----------64.8
अपहरण----------680-------1040----------52.9
चोरी--------------342-------453-----------32.5
हत्या का प्रयास---92--------116------------26.1
हत्या-------------119--------89 ...............-25.2
दोनों वर्ष के ये आंकडे़ 1 जनवरी से 24 मार्च के बीच के हैं।
(स्रोत: दिल्ली पुलिस)