देश को हिला देने वाली वसंत विहार गैंगरेप की घटना को हुए एक साल हो गए हैं। इस दौरान जाने कितने धरने-प्रदर्शन हुए। कानून में भी बदलाव हुआ, मगर दिल्ली वालों ने इससे कोई सबक नहीं लिया। हैरानी की बात है कि इस दौरान छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में एक जनवरी से लेकर 30 नवंबर तक दुष्कर्म के 1493 मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में सिर्फ 661 मामले सामने आए थे। इस तरह पिछले वर्ष के मुकाबले दुष्कर्म के मामलों में करीब तीन फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
इस वर्ष एक जनवरी से लेकर 30 नवंबर तक छेड़छाड़ के 3237 मामले सामने आए, जबकि पिछले वर्ष करीब 625 मामले सामने आए थे। इसी तरह एक जनवरी से लेकर 30 नवंबर तक ईव टीजिंग की 852 वारदात सामने आ चुकी हैं, जबकि पिछले 165 वारदात हुई थीं।
दिल्ली पुलिस के अधिकारी इसके पीछे तर्क देते हैं कि नए पुलिस आयुक्त ने खासकर महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के लिए थानों में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। हालांकि सच्चाई यह भी है कि अपराध हो रहे हैं तभी तो मामले दर्ज हो रहे हैं। एफआईआर अनिवार्य होने से आंकड़े इस लिहाज से बढ़ सकते हैं कि पुलिस पहले कुछ मामलों को दबा देती थी, लेकिन अब मामलों को दबा नहीं पाती है।