वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता होश में है लेकिन अभी भी वेंटीलेटर पर है। सफदरगंज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. डी. अथाणी ने पत्रकारों को बताया कि छात्रा की दो और सर्जरी की गई है। शारीरिक अंगों के जरूरी मानक (वाइटल पैरामीटर्स) सामान्य है।
अथाणी ने बताया कि छात्रा की हालत फिलहाल खतरे से बाहर नहीं है। इलाज कर रही डॉक्टरों की टीम उसकी हालत स्थिर रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि छात्रा की हालत में सुधार आने में कम से कम दस दिनों का समय लग सकता है।
इससे पहले पीड़ित छात्रा का बुधवार को दूसरा ऑपरेशन किया गया था। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. डी. अथाणी ने बताया पीड़िता की छोटी आंत पूरी तरह से खराब हो चुकी है और बड़ी आंत का बड़ा हिस्सा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऐसे स्थिति में संक्रमण को रोकना और युवती की जान बचाना पहली प्राथमिकता है।
इलाज कर रहे चिकित्सकों की टीम में शामिल सर्जन डॉ. सुनील जैन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुणा बत्रा, डॉ. राजकुमार और डॉ. गोगिया के अलावा एनेस्थीसिया के डॉक्टर भी शामिल हैं। चिकित्सकों ने बताया कि खाने के तौर पर तरल पद्रार्थ दिया जा रहा है।
एंटी बॉयोटिक्स, दर्द निवारक दवा के अलावा कई अन्य जरूरी दवाएं दी जा रही है। उसे जीवन रक्षक उपकरण के सहारे रखा गया है। संक्रमण रोकने पर चिकित्सकों का विशेष ध्यान है, ताकि सही समय पर ऑपरेशन और उचित दवा देकर स्वास्थ्य को सामान्य किया जा सके।
चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि पीड़िता का प्लेटलेट्स बुधवार को भी 48 हजार के आसपास रही और पल्स रेट भी सामान्य से ज्यादा रिकार्ड किया गया है। मंगलवार की तरह बुधवार को भी सांस लेने में उसे बेहद तकलीफ हो रही थी। मंगलवार की तुलना में बुधवार को उसके शरीर में हलचल कम रही।
आंत बुरी तरह से प्रभावित
पीड़िता की छोटी आंत पूरी तरह से बाहर आ चुका है जबकि बड़ी आंत का ज्यादातर हिस्सा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
36 से 48 घंटे महत्वपूर्ण
चिकित्सकों के मुताबिक ऑपरेशन के बाद अगले 36 से 48 घंटे पीड़ित युवती और डॉक्टरों दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण।
फिलहाल ऑपरेशन नहीं
चिकित्सकों ने पीड़ित युवती की चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए अगले पांच से सात दिनों तक कोई ऑपरेशन नहीं करने का निर्णय लिया है।
फेफड़े में नहीं है संक्रमण
चिकित्सकों का कहना है कि अभी तक फेफड़े में कोई संक्रमण नहीं है, लेकिन भविष्य में संक्रमण होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
कृष्णा तीरथ पहुंची अस्पताल
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बुधवार दोपहर पीड़ित युवती का हालचाल जानने अस्पताल पहुंची। इलाज कर रहे डॉक्टरों से स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पीड़िता के इलाज का सारा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी।