अरुण जेटली की फोन टैपिंग कराने के आरोप में गिरफ्तार सिपाही अरविंद डबास ने बिचौलिये के दावे की पुष्टि के लिए जेटली के मोबाइल की कॉल डिटेल मंगाने का प्रयास किया था। दिल्ली पुलिस इस मामले में दो और लोगों की तलाश कर रही है। इनमें नोएडा का बिचौलिया भी शामिल है।
सिपाही ने नई दिल्ली जिले के ऑपरेशन एसीपी भूप सिंह के मेल का पासवर्ड पता कर लिया था। वह ऑपरेशन सेल में तैनात रहा था। पुलिस जब भी किसी मोबाइल की कॉल डिटेल मंगाती है तो उस केस का ब्योरा लिखती है। सिपाही ने कॉल डिटेल में किसी केस का हवाला नहीं दिया था। इसी वजह से मोबाइल कंपनी को फर्जीवाड़े का एहसास हुआ।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिपाही ने दो और लोगों के साथ मिलकर देहरादून में जमीन व कंस्ट्रक्शन के काम में करीब 60 लाख रुपए लगा रखे हैं। बताया जा रहा है कि ये पैसे किसी अग्रवाल नाम के नेता के पास हैं और वह दे नहीं रहा था।
ऐसे में वह नोएडा के एक व्यक्ति, जिसे पुलिस बिचौलिया कह रही है, के संपर्क में आया। इस व्यक्ति ने कहा कि वह पैसे निकलवाने के लिए अरुण जेटली से देहरादून के अग्रवाल नेता को फोन करवा देगा। विश्वास बनाने के लिए बिचौलिये ने सिपाही को मोबाइल नंबर दिए और कहा कि अगर उसे विश्वास नहीं है तो वह कॉल डिटेल निकलवा कर देख ले। उसकी भाजपा नेता से आए दिन बात होती है।
इस बिचौलिये की बातों की सच्चाई का पता करने के लिए सिपाही ने एसीपी ऑपरेशन के मेल से कॉल डिटेल मंगाने के लिए भेजा था। सिपाही ने मेल भेजने के लिए अपने लैपटॉप का प्रयोग किया था। पुलिस ने लैपटॉप की हार्डडिस्क को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने पोंटी चड्ढा बंधु हत्या मामले में भाजपा नेता के मोबाइल की कॉल डिटेल तीन बार मंगाई थी। पुलिस दो और लोगों को गिरफ्तार करने के लिए नोएडा व देहरादून समेत कई जगहों पर दबिश दे रही है।