दिल्ली में पांच साल की बच्ची से हुए दुष्कर्म के आरोपी प्रदीप को कोर्ट ने चार दिन का पुलिस रिमांड दिया है। वहीं दूसरे आरोपी मनोज शाह की पेशी के लिए वारंट जारी कर दिया गया।
मुनिया के साथ हुई दरिंदगी को लेकर मंगलवार को दिल्ली में कोई बड़ा धरना-प्रदर्शन तो नहीं हुआ लेकिन ज्यादातर इलाके छावनी में तब्दील रहे।
इंडिया गेट समेत कई इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। इंडिया गेट के नजदीक किसी को नहीं जाने दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रपति भवन, मुख्यमंत्री और केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के आवास की सुरक्षा बड़ा दी गई है। उधर, अस्पताल में बच्ची की हालत धीरे-धीरे सुधर रही है।
आरोपी प्रदीप को भारी सुरक्षा के बीच गुपचुप तरीके से पुलिस ने न्यायाधीश संजय गर्ग की अदालत में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट से कहा कि मनोज का मोबाइल प्रदीप के पास था, जिसे उसने छुपा दिया है।
उसकी बरामदगी के लिए आठ दिन का रिमांड चाहिए। इस पर कोर्ट ने चार दिन का रिमांड दे दिया। पुलिस अब प्रदीप को 27 अप्रैल को अदालत में पेश करेगी।
पुलिस ने कहा कि मनोज और प्रदीप को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जरूरत है।
इस पर अदालत ने मनोज को पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया। उसे तिहाड़ जेल से ड्यूटी एमएम के सामने पेश किया जाएगा।
सुधर रही है मुनिया की हालत
बच्ची की धीरे-धीरे सुधर रही है। संक्रमण बंद हो गया है लेकिन घाव सूखने में अभी वक्त लगेगा। डॉक्टर आगे के इलाज का खाका शरीर के सभी अंदरूनी घाव ठीक होने के बाद ही तय करेंगे।
एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि वह जिस हालत में आई थी उससे उसकी हालत बेहतर है। सुबह नाश्ते में उसे तरल पदार्थ के साथ खिचड़ी खिलाई गई।
डॉक्टरों ने बताया कि अभी मुनिया को एक से डेढ़ हफ्ते अस्पताल में रखा जाएगा।
घाव भरने के बाद उसे सभी सपोर्ट सिस्टम से हटाया जाएगा। इसके बाद अगर जरूरत पड़ी तो उसकी सर्जरी की जाएगी।
फिलहाल सर्जरी करना है कि नहीं यह कहना मुश्किल है। सोमवार को मुनिया के पहले हुई सर्जरी की भी ड्रेसिंग की गई है। मुनिया परिवार के साथ बातें भी करने लगी है।
मंगलवार को अस्पताल के बिस्तर पर ही अपने छोटे भाई के साथ वह खेली व खुश नजर आई।