दिल्ली गैंगरेप पीड़ित युवती की हालत बुधवार को फिर बिगड़ गई। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने पीड़िता की हालत को बेहद नाजुक बताया है।
डॉक्टरों ने बताया कि छात्रा के लिए आगे के कुछ घंटे बेहद अहम हैं। इंफेक्शन अब भी चिंता का कारण बना हुआ है। छात्रा अभी होश में नहीं है और उसकी पल्स रेट कम है। उसे वेंटीलेटर पर ही रखा जा रहा है। हालांकि डॉक्टरों ने छात्रा के अंदरूनी हिस्से में हो रहे खून के बहाव को रोक दिया है।
इससे पहले सोमवार की तुलना में मंगलवार को उसके स्वास्थ्य में सुधार देखा गया लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक स्थिति खतरे से बाहर नहीं है। वह अभी वेंटिलेटर पर ही है। बिलिरुबिन का बढ़ता लेवल और इंफेक्शन चिंता का सबब बने हुए हैं।
डॉ. सुनील जैन और डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि युवती के शरीर में प्लेटलेट्स बढ़कर 80 हजार पर पहुंच गया है। डब्ल्यूबीसी काउंट 5600 है। आंतरिक रक्त स्राव में कमी आई है। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि यह सुधार प्लेटलेट्स, प्लाज्मा चढ़ाने की वजह से हुआ है या पीड़िता का शरीर खुद इतना काम कर पा रहा है।
आहार के तौर पर सभी पोषक तत्व दिए जा रहे हैं। लेकिन बिलिरुबिन का स्तर बढ़कर 7.7 हो गया है। उसे बुखार भी 102 से 103 के बीच बना हुआ है।