अभिनेता राहुल बोस ने दिल्ली गैंगरेप मामले में आरोपियों को सुधरने का मौका देने की बात कहकर सनसनी फैली दी है। हालांकि दिल्ली गैंगरेप की पीड़िता के परिजन राहुल के बयान से असहमत और निराश हैं लेकिन राहुल बोस का कहना है कि उन्होंने मानवाधिकार के संबंध में इस बात को बल दिया है।
राहुल बोस पहले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो महिला सम्मान और बलात्कार जैसे संवेदनशील मसले पर बेतुके बयान दे चुके हैं। इससे पहले भी कई बड़े लोग दिल्ली गैंगरेप और महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मसलों पर बेतुके और विवादित बयान दे चुके हैं।
मुरली मनोहर जोशी का कथन
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने बलात्कार जैसी घटनाओं के लिए पाश्चात्य सभ्यता का प्रभाव और विदेशी सोच को जिम्मेदार ठहरा दिया था। उन्होंने कहा कि रेप 'इंडिया' में होते हैं 'भारत' में नहीं।
कुछ ऐसा ही बयान विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार अशोक सिंघल भी दे चुके हैं। अपने बयान में सिंघल ने कहा था कि महिलाओं का पाश्चात्य रहन-सहन दुष्कर्म सहित हर तरह के यौन उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार है।
लक्ष्मण रेखा पार की तो...
मध्य प्रदेश में भाजपा के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तो एक कदम आगे निकले। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि सीताजी (महिलाएं) ने लक्ष्मण रेखा पार की, तो रावण उनका हरण कर लेगा। इसलिए महिलाओं को अपनी मर्यादा के भीतर ही रहना चाहिए।
राष्ट्रपति के बेटे ने भी दिया बयान
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र और सांसद अभिजीत मुखर्जी ने दिल्ली गैंगरेप के विरोध में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर कहा था कि रेप के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने वाली महिलाएं डिस्को में जाने वाली होती है। जिन्हें हकीकत मालूम नहीं होती, वह केवल कैंडल मार्च पर उतर आती है।
हालांकि बाद में राष्ट्रपति की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने भाई के बयान पर असहमति जताते हुए कहा था कि यह बयान महिलाओं का अपमान है और उन्हें तुरंत ये वापस लेना चाहिए।
आसाराम बापू भी कम नहीं
दिल्ली गैंगरेप में आसाराम बापू के अमर्यादित बयान पर भी काफी हो हल्ला मचा था। आसाराम ने कहा था कि अकेली महिला रात को घर से निकलती है तो उसे भाई को साथ लेकर निकलना चाहिए। आसाराम ने कथित रूप से टिप्पणी की कि पीड़िता को आरोपियों को 'भाई' कहकर संबोधित करना चाहिए था। उन्होंने यहां तक कह डाला कि अगर हिम्मत नहीं थी आत्मसमर्पण क्यों नहीं कर दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता और ऐसे बयान
हरियाणा में गैंगरेप की बढ़ती वारदातों पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने एक बेहद विवादित और गैर जिम्मेदाराना बयान देकर बहस आरंभ कर दी थी। उन्होंने कहा है कि 90 फीसदी लड़कियां सहमति से शारीरिक संबंध बनाती हैं। जब लड़कियां किसी के साथ जाती हैं तो उन्हें मालूम नहीं होता कि वह गैंगरेप की शिकार हो जाएंगी। बयान देने के तुरंत बाद खुद कांग्रेस ने भी इस बयान पर प्रवक्ता को लताड़ लगाई थी।