दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को 16 दिसंबर गैंगरेप मामले में चारों दोषियों के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किए।
न्यायमूर्ति रेवा खेत्रापा की पीठ ने सजा-ए-मौत की पुष्टि के लिए निचली अदालत के रेफरेंस की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। निचली अदालत ने चारों आरोपियों को 13 सितंबर को सजा-ए-मौत सुनाई थी।
पीठ इस मामले पर अब मंगलवार को सुनवाई करेगी। मुकेश, अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता और विनय शर्मा को फांसी की सजा सुनाते हुए साकेत फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने सजा की पुष्टि के लिए मामला हाई कोर्ट को रेफर कर दिया था।
निचली अदालत को फांसी की सजा देने की सूरत में हर मामला पुष्टि के लिए उच्च न्यायालय के पास भेजना होता है।
इस मामले में पांचवां आरोपी राम सिंह मार्च में तिहाड़ जेल में मरा मिला था। इसके अलावा छठा आरोपी जुवेनाइल था, जिसे 31 अगस्त को दोषी ठहराकर सुधार गृह भेज दिया गया।
पिछले साल 16 दिसंबर की रात दक्षिण दिल्ली में पैरामेडिक छात्रा से चलती बस में गैंगरेप किया गया था।