फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली गैंगरेप के दरिंदों पर तय हुए आरोप

Sat, 02 Feb 2013 09:49 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने 16 दिसंबर की रात चलती बस में हुए गैंगरेप के मुख्य अभियुक्त राम सिंह समेत पांचों आरोपियों को प्रथम दृष्टया दोषी माना है। अदालत ने उनके खिलाफ अभियोग तय करते हुए कहा कि पांचों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। अब अभियुक्तों पर गैंगरेप और हत्या समेत कुल 13 धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा। दोषी पाए जाने पर इन्हें सजा-ए-मौत दी जा सकती है।
विज्ञापन


वहीं अभियुक्तों ने जुर्म कबूल करने से इनकार करते हुए स्वयं को निर्दोष बताया। उनका पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष से पांच फरवरी से गवाहों को पेश करने का निर्देश दिया है। सबसे पहले पांच फरवरी को पीड़िता के दोस्त एवं शिकायतकर्ता युवक को बतौर गवाह बुलाया गया है।

साकेत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश योगेश खन्ना ने कहा कि वह पांचों अभियुक्तों के खिलाफ अभियोग तय करते हैं। अदालत ने अभियुक्तों से पूछा कि क्या वे अपना अपराध कबूल करते हैं। तब सभी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वे ट्रायल का सामना करने को तैयार हैं। इस पर अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपने गवाह पेश करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन


न्यायाधीश ने अभियुक्तों को (नाबालिक आरोपी समेत) प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कहा कि इन सभी ने 16 दिसंबर की रात अपने दोस्त के साथ जा रही 23 वर्षीया युवती का षड्यंत्र के तहत अपहरण और गैंगरेप किया। उन्होंने कहा कि अभियुक्तों ने युवती से अप्राकृतिक कृत्य भी किया। इसके अलावा सभी ने युवती का सामान इत्यादि लूटने के अलावा युवक की हत्या के उद्देश्य से लोहे की रॉड से उस पर प्रहार किया।

बचाव पक्ष के अनुसार, न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि सभी अभियुक्तों राम सिंह, अक्षय कुमार सिंह, विनय, पवन व मुकेश के खिलाफ भारतीय दंड संहित की धारा 120बी, 365, 366, 394, 395, 396, 397, 302, 307, 201, 376 2जी, 377, 412 के तहत मुकदमा चलाने के लिए सबूत हैं।

उधर, मामले के छठे आरोपी के नाबालिग होने के कारण जुवेनाइल कोर्ट में मामला विचाराधीन है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 366 को अभियुक्तों के खिलाफ मामले में जोड़ा है, जिसके अनुसार उन्होंने ‘अवैध यौन संबंध’ बनाने के लिए मजबूर इरादे से लड़की का अपहरण किया।

बिटिया की मां से मिलीं सोनिया, गले लगाया
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। सोनिया इस परिवार से मिल कर भावुक हो गईं और उन्होंने बिटिया की मां को गले लगा लिया। बिटिया के परिवार ने दोषियों को कड़ी सजा देने के साथ अपराधियों में शामिल एक नाबालिग को भी सजा दिए जाने की मांग की।

बिटिया के घर पर हुई इस मुलाकात में राहुल गांधी भी मौजूद थे। उन्होंने बिटिया के दोनों भाइयों से बातचीत कर अपना फोन नंबर दिया और कहा कि वे इस मामले में कभी भी उनसे सीधा संपर्क कर सकते हैं। मुलाकात के दौरान सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे।

भाई ने कहा अब मिलेगा बहन को न्याय
बलिया। गैंगरेप के दोषियों को फांसी देने के केंद्र सरकार के अध्यादेश का दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के भाई ने स्वागत किया है। उसने कहा है कि देश-विदेश में लोगों के गुस्से ने सरकार को कड़े कानून बनाने पर मजबूर किया है।

अध्यादेश में यौनाचार और हत्या के लिए दोषियों को मृत्युदंड के प्रावधान पर भाई ने कहा कि इससे उसकी बहन को न्याय मिलेगा और दोषियों को फांसी। लेकिन उसने कहा कि जुवेनाइल कानून में सुधार करके नाबालिग दोषी को भी तत्काल कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

13 धाराओं में चलेगा मुकदमा
- धारा 365 : अपहरण और गलत ढंग से बंधक बनाना
- धारा 366 : अवैध यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर इरादे से अपहरण
- धारा 376 (2) जी : गैंगरेप
- धारा 377 : अप्राकृतिक यौनाचार
- धारा 307 : हत्या का प्रयास
- धारा 394 : लूटपाट के दौरान जानबूझ कर शारीरिक चोट पहुंचाना
- धारा 395 : डकैती के लिए सजा
- धारा 396 : डकैती के साथ हत्या
- धारा 397 : घातक हथियारों के साथ डकैती डालना और गंभीर चोट पहुंचाना
- धारा 412 : लूट की चीजों को अपने पास रखना
- धारा 201 : सबूत मिटाना
- धारा 120बी : आपराधिक षड्यंत्र
- धारा 302 : हत्या

इन दरिंदों के लिए लोग मांग रहे फांसी
- राम सिंह : उम्र 33 साल। पेशे से ड्राइवर। शराबी और मानसिक रूप से यौन विकृतियों का शिकार। कई बार लोगों से मार-पीट और झगड़े में शामिल रहा है।

- मुकेश सिंह : उम्र 26 साल। राम सिंह का भाई। ड्राइवर। जैसा कहा गया वैसा करता गया। इसके खिलाफ आम तौर पर बच्चों से बुरा बर्ताव करने की शिकायतें हैं।

- पवन गुप्ता : उम्र 18 साल। फल विक्रेता का बेटा। माता-पिता के साथ एक कमरे के मकान में रहता था। तीन बहनें और एक भाई। इसने भी किया नाबालिग होने का दावा।

- विनय शर्मा : उम्र 20 साल। एक जिम में असिस्टेंट। बीकॉम का छात्र। जगराता कार्यक्रमों में अक्सर गाने भी गाता रहा। पकड़े जाने के बाद इसने पश्चाताप व्यक्त किया।

- अक्षय कुमार सिंह : उम्र 28 साल। बस का क्लीनर। पत्नी और बेटी को छोड़ चुका है। कभी ईंट भट्टों और शराब फेक्ट्रियों/ठेकों पर काम करता था।

- राजू (बदला हुआ नाम) : नाबालिग, उम्र 17 साल। यौन उत्पीड़न के दौरान सबसे आक्रामक। छोटे-मोटे काम करता रहा। जुवेनाइल बोर्ड ने नाबालिग ठहराया। कड़ी सजा से बच सकता है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें