फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैंगरेप पीड़िता की मौत से मायूस और नाराज सोशल मीडिया

Sun, 30 Dec 2012 01:07 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली गैंगरेप मामले में सोशल मीडिया पहले दिन से ही सक्रिय रहा है। सोशल मीडिया ने इस मुद्दे पर आम आदमी को जोड़ने की कोशिश की जो सफल रही। गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद सोशल मीडिया पर संदेशों का उफान सा आ गया।
विज्ञापन


इस उफान में मौत की मायूसी और सरकारी तंत्र के लचर रवैए के प्रति नाराजगी को महसूस किया जा सकता है। प्रमुख सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और ट्विटर पर लोगों ने  देश की इस बहादुर लड़की को श्रद्धांजलि देने की अपील की वहीं दूसरी तरफ कई लोगों ने सरकार को भी जमकर कोसा।

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर शोक जताते हुए बॉलीवुड की तमाम हस्तियों समेत हर किसी ने पीड़िता को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए सरकार को जमकर कोसा और अपनी नाराजगी का इजहार किया। अमिताभ बच्चन, शबाना आजमी और शेखर कपूर ने पीड़िता के निधन पर शोक और गुस्सा जताते हुए इस दिन को देश के लिए सबसे शर्मनाक दिन बताया है।
विज्ञापन


फिल्मकार शेखर कपूर ने कहा, हम अगर उसे भूल जाएंगे तो उसके साथ यह सबसे बड़ा धोखा होगा। राजनीतिक तंत्र यही उम्मीद करता है कि लोग भूल जाएंगे, लेकिन हमें इसे भूलना नहीं होगा। निर्माता निर्देशक  महेश भट्ट ने कहा, उन सभी मंदिरों को बंद कर दो जहां भगवान को नारी के  रूप में पूजा जाता है। राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा ट्वीट करते हुए प्रीतीश नंदी ने लिखा कि देश के रीढ़ विहीन नेताओं याद रखो की अभी यह मुहिम खत्म नहीं हुई है, जंग जारी रहेगी, यह आग मरने वाली नहीं है।

प्रदर्शनकारियों पर लगाम कसने के प्रति भी लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पुलिस द्वारा इंडिया गेट को सील करने की कार्रवाई पर मशहूर व्यवसायी राकेश झुनझुनवाला ने लिखा कि दिल्ली पुलिस इंडिया गेट को सील करना चाहती है, क्या इसे भी उठाकर सिंगापुर भेज देना चाहिए और इसे आज से सिंगापुर गेट कहा जाना चाहिए।

पीड़िता को सिंगापुर भेजे जाने के फैसले से भी लोगों में नाराजगी है। प्रख्यात लेखिका शोभा डे ने लिखा, देश की सबसे बहादुर बेटी की आत्मा को ईश्वर शांति दे, उसे सिंगापुर ले जाने की असली वजह दिल्ली की गंदी राजनीति थी। सिर्फ लोगों को धोखा देने के लिए उसे इतनी गंभीर हालत में वहां ले जाया गया।

लेखन के जरिए औरत की त्रासदी को अक्सर बयां करने वाली बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने ट्वीट किया कि, क्या उसे दूर देश में मरने के लिए सिंगापुर भेजा गया था? लोगों को उसकी शवयात्रा निकालने की जरूरत नहीं है, वे उस लड़की की कहानी जानते हैं।

तालिबान के खिलाफ खड़े होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आई पाकिस्तान की मलाला युसुफजई ने भी ट्वीट किया कि, बलात्कारी उसे सड़क पर फेंक गए और सरकार ने उसे सिंगापुर भेजा मरने के लिए, क्या अंतर रहा दोनो में।

दर्द और आक्रोश की पंक्तियां
अगर उसे बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया तो फिर बेहतर न्याय के लिए आरोपियों को सऊदी अरब भेजना चाहिए।
-सेलीना जेटली

वह जिंदगी की जंग हार गई लेकिन हमें डटे रहना है। हमें उसके और सभी के लिए इंसाफ की मांग करते हैं। आरोपियों को साधारण रेप केस की तरह सजा देना न्याय नहीं होगा। उन्हें मौत से भी बदतर जिंदगी देकर तड़पाना चाहिए।
-तरूणी

उसकी मौत के जिम्मेदार लोगों को जीने का कोई हक नहीं है। इन्हें जानवरों से भी बदतर जीवन जीने पर मजबूर कर दो। सरकार चलाने वाले और कानून बनाने वाले तो चूड़ियां पहने लायक भी नहीं रहे।
-आकांक्षा

आखिर कब सरकार और कानून बनाने वालों की नींद टूटेगी? अब नहीं जागे तो कब जागोगे?  इंसाफ करो, उस लड़की के साथ न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन नहीं रुकेगा।
- कुमार नरेश

आज वह मौत से हार ही गई लेकिन उसके मन में जीने की इच्छा थी, वह भी न्याय होते देखना चाहती थी। अब तो शर्म करो सत्ता में बैठे लोगों उसे इंसाफ दिलाओ।
- रश्मि सिंह

इस घटना ने देश की करोड़ों लड़कियों के भरोसे को तोड़ दिया है। शायद इस देश में इंसाफ जैसी चीज बाकी नहीं रह गई है।
-साक्षी

उन लोगों को सरे आम फांसी दो जिन्होंने हमारे अस्तित्व और हमारे होने पर ही सवाल उठा दिया है। वह नही रही तो उसके गुनाहगार क्यों जिंदा हैं। उनका अभी भी जिंदा रहना पूरे देश के लिए शर्म की बात है।
विज्ञापन

- संतोष

अगर सरकार और कानून में हिम्मत नहीं है तो उन्हें हमारे हवाले कर दो। जनता उनकी सजा तय कर देंगी।
-परिणिती
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें