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गैंगरेप पीड़ित युवती खतरे से बाहर नहीं

Tue, 25 Dec 2012 11:15 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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दिल्ली गैंगरेप पीड़ित युवती की हालत में उतार-चढ़ाव जारी है। सोमवार की तुलना में मंगलवार को उसके स्वास्थ्य में सुधार देखा गया लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक स्थिति खतरे से बाहर नहीं है। वह अभी वेंटिलेटर पर ही है। बिलिरुबिन का बढ़ता लेवल और इंफेक्शन चिंता का सबब बने हुए हैं।
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डॉ. सुनील जैन और डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि युवती के शरीर में प्लेटलेट्स बढ़कर 80 हजार पर पहुंच गया है। डब्ल्यूबीसी काउंट 5600 है। आंतरिक रक्त स्राव में कमी आई है। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि यह सुधार प्लेटलेट्स, प्लाज्मा चढ़ाने की वजह से हुआ है या पीड़िता का शरीर खुद इतना काम कर पा रहा है।
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आहार के तौर पर सभी पोषक तत्व दिए जा रहे हैं। लेकिन बिलिरुबिन का स्तर बढ़कर 7.7 हो गया है। उसे बुखार भी 102 से 103 के बीच बना हुआ है।

एसडीएम उषा चतुर्वेदी के आरोप
-पुलिस तथ्यों से परे अपनी प्रश्नावली के हिसाब से बयान दिलवाना चाहती थी।
-वीडियो कैमरामैन को लेकर बयान लेने अस्पताल पहुंचीं तो उसे अंदर नहीं जाने दिया गया।
-वीडियोग्राफी रोकने का विरोध करने पर पीड़िता के परिवार को आगे ला दिया
-पुलिस द्वारा लिए गए बयान और मुझे (एसडीएम) मिले बयान अलग थे।
-पुलिस सभी छह आरोपियों के बजाय 3-4 लोगों के ही नाम लिखवाना चाहती थी।

पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार का जवाब
-दिल्ली पुलिस ने एसडीएम के ऊपर कोई प्रश्नावली नहीं थोपी थी।
-वीडियोग्राफी के लिए डॉक्टर और युवती के परिजनों ने मना किया था।
-यह दुर्व्यवहार हुआ तो तभी वापस क्यों नहीं लौट गईं एसडीएम।
-एसडीएम पहले भी दो बार पुलिस के लिए परेशानी खड़ी कर चुकी हैं।
-पुलिस किसी भी आरोपी को नहीं बचाना चाहती है।
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